जानिए कैसे १२ साल की मूकबधिर ने इशारों में बताई छेड़छाड़ की दर्दभरी आपबीती

कई दिनों से बताना चाह रही थी बच्ची अपनी दास्तां लेकिन कोई समझ नहीं पा रहा था उसका दर्द, फिर केंद्र पर पहुंचकर किया अपना दर्द बयां

इंदौर . १२ साल की दिव्यांग बच्ची से ज्यादती की कोशिश की गई, आपबीती को बच्ची ना बोल पा रही थी ना लिखकर वो बता पा रही थी। पुलिस के मूक बधिर दिव्यांग केंद्र पर जब उसे लाया तो यहां इशारो-इशारो में वो सब बता गई, आखिर उसके साथ हुआ क्या था? अब पुलिस एक्सपर्ट की मदद से बच्ची का बयान कोर्ट में भी करवाएगी।

 

घटना सामने नहीं आ रही थी

तुकोगंज थाने में स्थित मप्र मूक बधिर दिव्यांग केंद्र में शुक्रवार को एक मामला आया। टीआई तुकोगंज राजकुमार यादव ने बताया, उज्जैन के नीलगंगा थाना क्षेत्र की १२ साल की बच्ची से २५ जनवरी को ज्यादती की कोशिश की गई। बोल या लिख नहीं पाने के चलते बच्ची के साथ हुई घटना सामने नहीं आ रही थी। कोर्ट में भी बच्ची के बयान नहीं हो पाए थे। उसके लिए भी किसी एक्सपर्ट की जरूरत थी, जो बच्ची के बयान करवा पाए। इसके चलते उज्जैन पुलिस उसे लेकर इंदौर पहुंची।

इशारों में बात शुरू की

यहां पर केंद्र संचालित करने वाले ज्ञानेंद्र पुरोहित व उनकी पत्नी मोनिका पुरोहित ने बच्ची से इशारों में बात शुरू की। बच्ची ने बताया, घटना वाले दिन आरोपित उसे बहलाकर पास के एक स्कूल में ले गया। यहां पर बाथरूम में ले जाकर उसके साथ ज्यादती करने लगा। स्कूल का लंच टाइम होने पर बच्चों की छुट्टी हो गई। बाहर से बच्चे बाथरूम का दरवाजा खटखटा रहे थे। ये सुनकर आरोपित घबरा गया। वो बच्ची को उसी हालत में छोडक़र वहां से भाग निकला। इस दौरान आरोपित का फोटो रखकर उससे सवाल-जबाव किए गए। केंद्र में इशारे में बच्ची हर सवाल का जबाव देती गई।

फोटो दिखाकर की पहचान

करीब तीन घंटे में केंद्र पर बच्ची के मामले में बयान लिए। अब पुलिस बच्ची के कोर्ट में भी बयान करवाएंगी। इस दौरान पुरोहित दंपती भी मौजूद रहेंगे। घटना के बाद काफी समय तक आरोपित की पहचान ही नहीं हो पाई थी। बाद में बच्ची की मां ने काफी मुश्किल से फोटो दिखाकर हरकत करने वाले मनोहर की जानकारी पता की।


गंभीर बीमारी से है पीडि़त
मोनिका पुरोहित ने बताया, बच्ची हेमिप्लेजिया नामक बीमारी से पीडि़त है। इसमें आधा शरीर काम करना बंद कर देता है। दो साल पहले तक बच्ची स्वस्थ्य थी। अचानक एक दिन रात में उसे बुखार आया और सुबह तक शरीर के आधे हिस्से ने काम करना बंद कर दिया। बच्ची इसके चलते लिख भी नहीं पाती थी। इसके पहले स्कूल में पढ़ाई करने में वो काफी होशियार थी। बच्ची फिलहाला पापा, मम्मी व भगवान का नाम ही बोल पाती है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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