चाय की दुकान से 400 करोड़ का खड़ा किया एम्पॉयर

Arjun Richhariya

Publish: Sep, 17 2017 08:48:52 (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
चाय की दुकान से 400 करोड़ का खड़ा किया एम्पॉयर

द ग्रैंड भगवती के ओनर नरेन्द्र सोमानी ने पत्रिका से विशेष बातचीत में शेयर की अपने सक्सेस स्टोरी

 

इंदौर. मैंने अपने कॅरियर की शुरुआत वहां से की है जहां मेरे पास खोने के लिए कुछ भी नहीं था और हासिल करने के लिए पूरा आसमां था। स्ट्रांग डिटरमिनेशन के साथ एक- एक कदम बढ़ाते गए और मंजील दर मंजील आगे बढ़ता गया। इस दौराना रास्ते में कई मुश्किलें भी आई पर मैं रुका पर झुका नहीं। यह कहना है द ग्रैंड भगवती के ओनर नरेन्द्र सोमानी का। रविवार को पत्रिका से विशेष बातचित में नरेन्द्र ने बताया कि मैं स्कूल में पढ़ता था तो अहमदाबाद में हमारी एक चाय की दुकान थी स्कूल के बाद मैं दुकान पर पिताजी का हाथ बंटाता था। करिब ६ साल तक पिताजी का हाथ बंटाने के बाद १९८९ में मैनें अहमदाबाद के एसजी रोड पर भगवटी चांट सेंटर की शुरुआत की। मैनें थोड़ी रिसर्च की और दिल्ली की चाट गली घुम के आया और वहां से अपने साथ एक अच्छा कुक भी लाया। इसके बाद मेरी चाट की दुकान अहमदाबाद में फेमस होने लगी।

अंजान इंसान के रुपयों से खरिदी दुकान

पॉपुलैरिटी बढऩे के साथ दुकान के बाहर पार्र्किंग की प्रॉब्लम होने लगी, ऐसे में एक दिन एक कस्टमर को गुस्सा आ गया और वह चिल्लाने लगा कि इतनी बड़ी दुकान में पार्र्किंग का अरेजमेंट करना चाहिए। इतना चलती है तो बगल की दुकान खरिद लो। मैनें कहा साहब ५ लाख रुपए की दुकान मैं कैसे खरिदूंगा। वह कस्टमर शांत होकर चला गया। अगले दिन एक आदमी ५ लाख रुपए लेकर आया मुझे देने लगा। मैनें मना किया तो उसने बोला कल जिस कस्टमर ने हंगामा किया था उसने भेजा है। मैनें मना किया मैं इतने रूपए लौटाउंगा कैसे और एक अंजान इंसान से मैं इतने रुपए कैसे ले सकता हूं। तो उसने कहा कि आप १ परसेंट ब्याज पर लौटा देना। बार बार मना करने के बाद भी वह इंसान मुझे ५ लाख रुपए देकर गया। उन रुपयों से मैनें बगल वाली दुकान खरिद ली। थोड़े समय बाद उस बिल्डिंग की तीसरी दुकान का मालिक खुद मेरे पास आकर अपनी दुकान बेचने का ऑफर दिया और बोला आप मुझे हर महिने २० हजार रुपए दे देना। ऐसा करते हुए मैं तीन दुकान का मालिक हो गया। इसमें मैनें सिर्फ एक ही काम किया था वह था कभी भी क्वालिटी से कॉम्प्रोमाइज नही किया था।

लोन के लिए लगाएं १०० बैंक्स के चक्कर

इसके थोड़े दिनों मैनें केटरिंग का बिजनेस शुरू किया। इसमें मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी। ऐसा कई बार शादियों के सीजन के दौरान होता था कि १-१ महीने तक सो नहीं पाता था। जहां का आर्डर होता वहीं १-२ घंटे कुर्सी पर पैर रख के जो झपकी ले ली उतना ही सोने के लिए मिल पाता। जब केंटरिंग के बिजनेस के दौरान शादी से जुड़ी सभी जरूरतों और बिजनेस को समझ गया फिर मैनें अपना होटल शुरू करने की ठानी। यह मैनें ऐसा होटल तैयार किया जिसमें रूम कम और बैक्वेंट हॉल ज्यादा हो। इसे मैनें वन स्टॉप डेस्टिनेशन के रूप में शुरू किया। इसे शुरू करने के लिए मुझे बैंक से लोन की जरूरत थी। इसके लिए कम से कम १०० बैंकों के चक्कर लगाएं होंगे, पर पहले सभी बिजनेस अन आर्गनाइज होने के कारण लोने मिलने में काफी परेशानी हुई। अंत में एक बैंक ने मुझे ४.९ करोड़ का लोन दिया और होटल का काम शुरू हुआ और २००२ में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमीत शाह ने मेरे होटल का इनॉग्रेशन कियाा। २००६ में मैनें ग्रैंड भगवती का आईपीओ लांच किया। इसके बाद २०१० में सूरत और २०१६ में इंदौर में इसकी द ग्रैंड भगवती की शुरुआत की।

कर्मचारी खुश रहेंगे तो अच्छा काम करेंगे

नेरेन्द्र सोमानी ने बताया कि मैनें बीकॉम फस्र्ट ईयर के बाद कॉलेज छोड़ दिया था पर नॉलेज किसी भी एमबीए ग्रैजुएट की तुलना में ज्यादा रखता हूं। मैनेंं मैनेजमेंट के रियल लाइफ फंडे सीखें है और जितनी भी पढ़ाई की वह अच्छे सी की है। इस पूरे सफर के दौरान मैनें सीखा है कि अगर आप मेहनती और इमानदार तो लाइफ आप को खुद आगे बढऩे के मौके देगी आप को वह मौके पहचान कर भुनाना आना चाहिए। मुश्किल समय में हार मानने के बजाए प्रयास करते रहना चाहिए लोग बिना स्वार्थ के मदद कर के जाते है। इसके साथ ही आप जो भी काम करो अपने कर्मचारियों का पूरा ध्यान रखों। अगर वह आप से खुश है तो वह हमेशा अच्छा ही काम करेंगे और आप की ग्रोथ अपने आप ही होगी। इसके साथ ही समान्य गलती करने की छूट होनी चाहिए। उदाहरण के लिए अगर शेफ को समान्य गलती करने की आजादी नहीं होगी तो फूड में कोई इनोवेशन नहीं कर सकता है। यह हर क्षेत्र में लागू होता है।

इंदौरियंस को है फूड की नॉलेज

वैसे तो अच्छे खाने का शौक सभी को होता है, पर इंदौर के लोग सूरत और अहमदाबाद की तुलना में थोड़े अलग है। यहा के लोग चटपटा खाना पसंद करते है और उन्हें फूड की काफी नॉलेज भी है। इसके साथ ही वह किसी नई चीज को समझने में समय लेते है और जैसे जैसे समय बितता जाता है वह उसे अपनाने जाते है। इंदौर में अब द ग्रैंड भगवती परफेक्ट वेडिंग डेस्टिनेशन बन गया है। मीडल क्लास भी यहां अपनी ड्रीम वेडिंग की ख्वाहिश को पूरा कर रहे है।

 

नेगेटिव थॉट्स से रहे दूर

 

लाइफ में हमेशा नेगेटिव थॉट्स से दूर रहना चाहिए। हर प्लान सक्सेसफुल हो यह जरूरी नहीं है पर फेल्योर में निराश नहीं होना चाहिए। अपने इस सफर में ऐसे कई मौके देखे है जब मेरे मन मुताबिक नहीं हुआ। पर बाद में कुछ ऐसा हो जाता था कि मुझे अहसास होता था कि अच्छा हुआ वह काम नहीं हुआ। इसलिए अब मैं यह मानने लगा हूं की जो होता है वह अच्छे के लिए होता है। युवाओं से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि लाइफ में आगे बढऩे के लिए कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता मत करो। मेहनत करने से कभी भी पिछे मत हटो और शॉटकर्ट से हासिल की सफलता ज्यादा लम्बी नहीं होती है।

 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned