इसे कहते है विरोध, संजय की लीला ‘पदमावती’ पर भारी नारी ‘शक्ति’

फिल्म चली तो सिनेमाघर जलेगा, राष्ट्रीय मान-सम्मान के लिए राजपूताना हुंकार, प्रदेश की सभी इकाइयां राष्ट्रपति के नाम देंगी ज्ञापन

 

 

By: amit mandloi

Published: 12 Nov 2017, 09:08 PM IST

रतलाम में तोड़ दिया विरोध का भी रिकार्ड, 45 हजार से अधिक राजपूत नारियों ने दिखाई शक्ति
इंदौर. पद्मावती फिल्म का विरोध देशभर में तेज होता जा रहा है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा प्रदेश स्तर पर सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेगी। मप्र की समस्त इकाई अपने-अपने जिले में विरोध स्वरूप प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेगी।

महासभा के महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह गौतम ने कहा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर फिल्म के जरिये राष्ट्र के मान-सम्मान के साथ किए जा रहे नित नए अमर्यादित कृत्य हमारी राष्ट्रीय और सामाजिक अस्मिता के लिए घातक हैं। राजपूताना के स्वर्णिम इतिहास के साथ खिलवाड़ भावी पीढ़ी को गुमराह करने का घिनौना कृत्य है। महासभा प्रदेश स्तर पर अपने सभी विंग के साथ सामूहिक रूप से १५ नवंबर को सुबह ११ बजे विरोध प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराएगी। एक साथ पूरे प्रदेश में पद्मावती फिल्म के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

आन-बान के लिए सब न्योछावर

क्षत्रिय समाज ने अपनी आन-बान-शान और नारी सम्मान की खातिर सर्वस्व न्योछावर किया है। भंसाली ने समाज को अपमानित करने का प्रयास किया है। समाज पुरजोर विरोध करेगा।
- रिंकू ठाकुर

फिल्म चली तो सिनेमाघर जलेगा
संजय लीला भंसाली ने पद्मावती फिल्म में राजपूतों के इतिहास को तोड़-मरोडक़र दिखाने की कोशिश की है। रानी का अपमान सहन नहीं करेंगे। फिल्म रिलीज होगी, तो हर सिनेमाघर जलेगा।

- गोलू ठाकुर, सचिव, अभा क्षत्रिय युवा महासभा

फिल्म पर रोक लगाएं

किसी भी रूप में अपने गौरवशाली इतिहास से छेड़छाड़ का प्रयास हम नहीं करने देंगे। पूरे देश के आक्रोश को देखते हुए फिल्म पर रोक लगाई जाना चाहिए।
- नरेंद्र सिंह मठ, संभागीय अध्यक्ष, युवा महासभा

सभी हिंदुओं का अपमान
रानी पद्मावती फिल्म सिर्फ राजपूत समाज की लड़ाई ही नहीं है, समस्त हिंदू समाज का अपमान है। भारतीय नारी के मान-सम्मान के लिए पूरा हिंदू समाज लड़ाई लड़ेगा।

- सागर सिंह चौहान, सचिव, महासभा

केंद्र और राज्य सरकार चुप
अफसोस है कि राम मंदिर और हिंदुत्व का मुद्दा बुलंद करने वाली केंद्र व राज्य सरकार पता नहीं क्यों व्यक्तिगत कारणों के कारण इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।

- महिपाल सिंह पंवार, महानगर उपाध्यक्ष

समाज बर्दाश्त नहीं करेगा
संवैधानिक प्रक्रिया में भरोसे का मतलब यह नहीं है कि समाज के सम्मान के साथ कोई भी छेड़छाड़ करेगा। गौरवशाली इतिहास को प्रेम-प्रसंग दिखाना उचित नहीं है। इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

- पंकज सिंह, प्रदेश प्रवक्ता, महासभा


महारानी पद्मावती महानाट्य के लिए दरबार सजाकर ली बैठक

आनंद मोहन माथुर सभा ग्रह में महारानी पद्मावती गाथा जौहर की नाट्य मंचन के लिए घर-घर निमंत्रण के साथ ही बैठकें भी की जा रही हैं। नंदबाग में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के शहर अध्यक्ष रितेश ठाकुर ने क्षेत्र के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक दरबार लगा कर की। नाट्य का मंचन १८ नवंबर को होगा। बैठक में राजपूताना सुपर 100 के संयोजक धर्मेंद्र सिंह गौतम ने महानाट्य की रूप रेखा के साथ ही जवाबदारी सौंपी। प्रत्येक पदाधिकारी 10 परिवारों से संपर्क कर नाट्य में परिवार सहित शामिल होने का निमंत्रण देगा।

 

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