scriptaccident report of ncrb | दुर्घटना में 15%कार सवार तो 44.5 % दोपहिया सवारों की मौत | Patrika News

दुर्घटना में 15%कार सवार तो 44.5 % दोपहिया सवारों की मौत

एनसीआरबी की रिपोर्ट: वर्ष 2022 में सड़क हादसों में इंदौर में जनवरी से अगस्त तक 150 से ज्यादा हुईं मौतें

इंदौर

Published: September 09, 2022 01:22:51 pm

इंदौर. यातायात नियमों का पालन नहीं करना, सड़क दुर्घटनाओं में मौत का मुख्य कारण बनता जा रहा है। ज्यादा गति के साथ कार सवारों के लिए सीट बेल्ट नहीं लगाना और दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट नहीं लगाना मौतों का मुख्य कारण है। प्रदेश में वर्ष 2021 में 48,219 सड़क हादसों में 12,480 लोगों की मौत हुई। इंदौर में हुईं 484 मौतें भी इसमें शामिल हैं।
दुर्घटना में 15%कार सवार तो 44.5 % दोपहिया सवारों की मौत
दुर्घटना में 15%कार सवार तो 44.5 % दोपहिया सवारों की मौत
वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में इंदौर में जनवरी से अगस्त तक करीब 160 मौतें हो चुकी हैं। टाटा ग्रुप के प्रमुख रहे साइरस मिस्त्री की एक्सीडेंट में हुई मौत के बाद वाहन चलाने में होने वाली लापरवाही का मामला चर्चा में है। एनसीआरबी ने हाल ही में वर्ष 2021 की रिपोर्ट जारी की है, जिसमें प्रदेश में एक साल में 12,480 मौतें हुई हैं। यानी हर महीने 1040 मौतें। इंदौर ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, इस दौरान इंदौर में भी 484 लोगों की जानें गई हैं, जबकि गंभीर घायलों की संख्या 113 है। एनसीबी की रिपोर्ट से पता चलता है कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा प्रभावित दोपहिया सवार होते हैं और दूसरे नंबर पर कार सवार। विशेषज्ञों की मानें तो गाड़ियों की तेज गति, नियम व सुरक्षा उपकरण का धारण नहीं करना हादसे का मुख्य कारण है।
सीट बेल्ट नहीं लगाने से कार सवार आगे की तरफ गिरता है। इससे छाती स्टेरिंग से टकराती है और पसलियां फ्रेक्चर हो जाती हैं। हार्ट लंग्स में चोट लगती है और बचना मुश्किल हो जाता है। स्पीड और तेज हो तो व्यक्ति कांच फोड़कर बाहर तक चला जाता है। ऐसी स्थिति में मौत तय है। सीट बेल्ट लगा हो तो एयर बैग खुलने से बचने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि सीट बेल्ट नहीं लगाने पर गाड़ी आगे न बढ़े। - डॉ. सुनील राजन, आर्थोपैडिक सर्जन
किसी भी वाहन का एक्सीडेंट व मौत का 70-80 प्रतिशत कारण नियम अवहेलना के कारण होता है। इनमें सबसे प्रमुख कारण ओवर स्पीडिंग व हेलमेट या सीट बेल्ट को धारण नहीं करना है। - प्रफुल्ल जोशी, ट्रैफिक एक्सपर्ट
हादसों के कारण

मृतकों की जानकारी

दोपहिया 44.5 प्रतिशत

चार पहिया 15.1 फीसदी

ट्रक, मिनी ट्रक 9.4 फीसदी

बस 3 फीसदी

3 पहिया 4.9 फीसदी

मोटर चलित 5.7 फीसदी
गैर मोटर चलित 5.2 फीसदी

ओवर स्पीडिंग 55.9 प्रतिशत

खतरनाक अथवा 27.5 फीसदी

लापरवाही पूर्वक

मौसम के कारण 3.5 प्रतिशत

नशे में 1.9 प्रतिशत

मैकेनिकल डिफेक्ट 1.3 प्रतिशत
अन्य कारण 9.9 प्रतिशत

किसी भी गाड़ी की स्पीड 60 से 80 किलोमीटर के बीच रहेगी तो उसे संभालना आसान है। तेज स्पीड में अगर गाड़ी का ब्रेक लगा या किसी से टकराकर रूकी तो उसमें सवार व्यक्ति को उतनी ही गति से धक्का लगेगा। हैड इंज्यूरी ज्यादा होती है। अगर कार सवार ने सीट बेल्ट लगाया तो ठीक है अन्यथा उसका बचना मुश्किल हो जाता है। - अशेष तिवारी, ऑटो मोबाइल एक्स

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