21वीं सदी के अनुसार MCI को रि-डिजाइन करना होगा

21वीं सदी के अनुसार MCI को रि-डिजाइन करना होगा

Amit Mandloi | Publish: Jul, 14 2018 04:16:10 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

- ब्यूरोक्रेसी और ज्यूडिशरी से जुड़ी व्यवस्था में भी बदलाव की जरूरत, सबसे अधिक डाटा यूज करने वाला देश है भारत

-सरकार के कई उपक्रमों को रिडिजाइन करने की जरूरत
सीआइआइ के कार्यक्रम में बोले नीति आयोग के सीइओ अमिताभ कांत

इंदौर. भारत सरकार के थिंक टैंक कहे जाने वाले नीति आयोग के सीइओ अमिताभ कांत देश की ब्यूरोक्रेसी और ज्यूडिशरी से जुड़ी व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है। उनका मानना है, इनमें आमूलचूम बदलाव की जरूरत है। स्वास्थ सेवा की गवर्निंग बॉडी मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) को रिडिजाइन करना होगा, इसकी व्यवस्था आउट डेटेड हो चुकी है। न तो काउसिंल पर्याप्त डॉक्टरों की व्यवस्था कर पा रही है और न ही स्वास्थ्य सुविधाओं को पुख्ता करने में हम भूमिका निभा पा रही है।

कॉन्फडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआइआइ) के शुक्रवार को होटल मैरिएट में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए अमिताभ कांत ने अन्य सरकारी उपक्रमों को भी २१वीं सदी के मुताबिक अपडेट करने की जरूरत बताई। उनका कहना है, भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने उद्योग जगत को सरकार की नीतियों और सफलता की जानकारी देते हुए देश के उन्नति के लिए समावेशी विकास पर जोर देने की बात कही।

प्रदेश नहीं विदेश की सोच रखें
अमिताभ कांत ने कहा, किसी भी देश के विकास में एमएसएमइ (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) का अहम योगदान होता है, हमारे देश में गत कुछ वर्षो में एमएसएमइ का काफी विस्तार हुआ, लेकिन अभी भी हमारी सोच में बदलाव की जरूरत है। एमएमएमइ के जरिए उत्पादन करने वाले लोगों की सोच होती है कि मैं प्रदेश में आपूर्ति करूंगा, कई प्रदेशों में आपूर्ति करूंगा, यह नहीं सोचते कि मैं अमेरिका, जापान और चीन का मार्केट कैप्चर करूंगा। अब हमें ग्लोबल सोचना होगा। जब कर सोच बड़ी नहीं करेंगे, तब तेज गति से विकास नहीं हो सकेगा।

महिलाओं की भागीदार बढ़ाना होगी

अमिताभ कांत ने कहा, देश की जीडीपी में अभी सिर्फ २२ फीसदी महिलाओं की भागीदारी है, इसे बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए पुरुषों को भी महिलाओं को आगे लाना होगा। उन्होंने जीएसटी और रेरा की तारीफ करते हुए कहा, यह हमारे देश की तकदीर बदलने की दिशा में लिया गया बड़ा कदम है। देश में इनोवेटिव और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की जरूरत है।

सबसे अधिक डाटा यूज करने वाला देश है भारत
अमिताभ कांत ने कहा, पहले केंद्र सरकार की योजना का पूरा लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचता था, लेकिन वर्तमान सरकार की ५०० योजनाओं में लाभार्थी के खाते में सीधा पैसा डाला जाता है। अब कोई लीकेज नहीं है। भारत सबसे अधिक मोबाइल डाटा यूज करने वाला देश है। सबसे अधिक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल भी यहीं होता है। यहां तक की सबसे अधिक मोबाइल यूजर भी भारत में ही हैं।

 

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