अतिरिक्त मुख्य सचिव बोले- आपका इंदौर काफी बेहतर स्थिति में, लॉकडाउन की जरूरत नहीं

  • वर्तमान स्थिति की समीक्षा की, कहा- कोरोना संक्रमण के फैलाव को मालूम करने शासन इंदौर में सीरो सर्वे करवाएगा
  • इसके तहत 5 हजार लोगों का होगा एंटीबॉडी टेस्ट

By: हुसैन अली

Published: 24 Jul 2020, 10:55 AM IST

इंदौर. प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने इंदौर शहर में कोरोना संक्रमण की समीक्षा के बाद स्पष्ट कहा कि फिलहाल शहर में लॉकडाउन की जरूरत नहीं है। अधिकारियों से चर्चा के बाद उन्होंने माना कि प्रदेश सरकार द्वारा लॉकडाउन के लिए तय पैरामीटर पर इंदौर की स्थिति अप्रैल से बहुत बेहतर है। इसके साथ ही उन्होंने कहा, अब कोरोना संक्रमण के फैलाव को मालूम करने के लिए प्रशासन इंदौर में सीरो सर्वे करवाएगा। इसके तहत5000 लोगों का एंटीबॉडी टेस्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा, यह भी अच्छी बात है कि इंदौर में 30प्रतिशत लोगों ने खुद बताया कि उन्हें कोविड है।

वे गुरुवार को इंदौर में कोरोना नियंत्रण के उपायों और स्थिति की समीक्षा के बाद पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा, इंदौर का बुरा समय निकल चुका है। अब अच्छे दिन आने वाले हैं। अधिकारियों से चर्चा के बाद निष्कर्ष निकला कि इंदौर में लॉकडाउन की जरूरत नहीं है। डाटा एनालिस्ट के परीक्षण करने पर भी इंदौर तय पैरामीटर पर बेहतर है। उन्होंने कहा, इंदौर में पहले ही लंबे समय तक लॉकडाउन रहने से व्यावसायिक नुकसान हुआ है। भोपाल की परिस्थितियां भिन्न रहीं, इसलिए वहां निर्णय लेना पड़ा।

डाटा छुपाना नामुमकिन

उन्होंने अप्रैल में हुई मौतों को अब शामिल करने सवाल पर कहा, अप्रैल में स्थितियां बहुत गंभीर थी। उस समय हमारा पूरा ध्यान व्यवस्थाएं जुटाने पर था। डाटा एकत्रित करने पर नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया, डाटा को छुपाना नामुमकिन है। क्योंकि हर कोरोना पॉजिटिव की जानकारी आईसीएमआर की साइट पर अपडेट की जा रही है। चाहे टेस्ट सरकारी हो या निजी लैब में करवाया हो।

संक्रमण दर और मौतें दोनों कम

उन्होंने बताया, जिस तरह के डाटा बताए गए हैं, उसमें संक्रमण दर कम है। जुलाई में मौतों की संख्या कम हो रही है। इलाज बेहतर हो रहा है। फैलाव की स्थिति को देखते हुए शहर का सीरो सर्वे करवाया जाएगा। इससे जिले में कोरोना संक्रमण के संबंध में प्रतिरोधक क्षमता को जानने के लिये एंटीबॉडी टेस्ट होगा। इससे पता चल सकेगा, शहर में कितने लोगों में कोरोना होकर चला गया। प्रारंभिक तौर पर ५ हजार लोगों का टेस्ट होगा। इसे शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में करवाया जाएगा।

ब्लड सीरम की होगी जांच

उन्होंने बताया, कोरोना फैलाव की स्थिति रोकने के लिए दो तरह के टेस्ट करते हैं। इनमें एक एंटीजन और दूसरा एंटीबॉडी टेस्ट होता है। सीरो सर्वे में एंटीबॉडी टेस्ट होगा। इसमें ब्लड सैंपल लेकर जांच की जाती है। इससे कोरोना की चपेट में आकर खुद ठीक हुए व्यक्ति के शरीर में बने एंटीबॉडी के बारे में जानकारी मिलेगी और कम्यूनिटी स्तर पर कोरोना के फैलाव का पता चल सकेगा। जबकि एंटीजेन टेस्ट में नाक से स्वैब लेकर जांच होती है, इससे कोरोना संक्रमण की जांच होती है।

पेड क्वॉरंटीन और पेड आइसोलेशन

उन्होंने कहा, वर्तमान में एसिम्प्टोमेटिक मरीज ज्यादा आ रहे हैं इसलिए इंदौर ने होम आइसोलेशन की स्थिति को बेहतर किया है। अब पेड क्वॉरंटीन और आइसोलेशन की जो कार्य योजना तैयार की गई है, उसके परिणाम भी बेहतर मिलेंगे। इसे पूरे प्रदेश के लिए सोचा जा रहा है।

हुसैन अली
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