रणजीत को लेकर वकील बोले- कभी दूर से खड़े होकर देखना, हरकतें पता चल जाएगी

  • लोग बोले- गाली-गलौच करना तो उसके लिए हर दिन का काम
  • पुलिस विभाग के आला अफसर अब भी उसे बचाने की कोशिश में लगे

By: हुसैन अली

Updated: 27 Nov 2019, 04:36 PM IST

इंदौर. आम लोग इन दिनों ट्रैफिक सिपाही रणजीत सिंह को नसीहत दे रहे हैं और उसकी खूब भत्र्सना भी कर रहे हैं। उसके कुछ पिछलग्गुओं के अलावा कोई उसकी हरकत का समर्थन नहीं कर रहा है। लोगों ने उसे घमंडी और बदतमीज तक करार दे दिया है। हालांकि पुलिस विभाग के आला अफसर अब भी उसे ही बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं।

ऑटो चालक से यातायात सिपाही रणजीत सिंह के द्वारा मारपीट करने का वीडियो वायरल हो जाने के बाद अब हाईकोर्ट के वकीलों ने भी उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वकीलों का कहना है कि वे रणजीत को रोज ही लोगों के साथ अभद्रता करते देखते हैं। आम लोगों के साथ उसके द्वारा गालीगलौच किया जाना अमूमन हर दिन का काम है। सोशल मीडिया पर वकीलों के साथ आम लोग भी उसके खिलाफ खुलकर लिख रहे हैं और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

रणजीत को लेकर वकील बोले- कभी दूर से खड़े होकर देखना, हरकतें पता चल जाएगी

एक नंबर का घमंडी

अधिवक्ता लालजी तिवारी लिखते हैं कि रणजीत के अच्छे कार्य की सबने प्रशंसा की है, लेकिन यह एक नंबर का घमंडी है। अकसर सबसे दुव्र्यवहार करता है। आज सबके सामने सच्चाई आई है। इसके लिए कभी दूर से खड़े होकर देखना, इसकी हरकत पता चल जाएगी।

प्रभावशाली लोगों की चापलूसी

अधिवक्ता विकास शर्मा लिखते हैं कि मैं इस कृत्य की निंदा करता हूं। भत्र्सना करता हूं। मैं कई बार देखता हूं कि ये जवान आम लोगों से बदतमीजी से पेश आता है। प्रभावशाली लोगों की चापलूसी करता है।

हर दिन देखता हूं ऐसा व्यवहार

निजी कंपनी में कार्यरत राजेश जोशी ने लिखा है कि मैं रोज ४ से ५ बार एमजी रोड से गुजरता हूं। आम व्यक्तियों के साथ इन महाशय का व्यवहार, हाव भाव और भाषा देखकर ही प्रतीत होता है कि वो मदमस्त और घमंडी है।

झूठ पकड़ा गया

इधर कल पुलिस कंट्रोल रूम से एक दूसरा वीडियो जारी किया गया। इससे सिपाही रणजीत का वह झूठ सामने आ गया, जिसे उसने घटना वाले दिन कहा था। दरअसल रणजीत ने कहा था कि ऑटो में ६ लोग बैठे थे, ऑटो ने कार को टक्कर मारी, बाइक को मारी, मेरे पैर पर ऑटो चढ़ाया, कुछ लोगों ने शिकायत की तो ऑटो को रोका। जबकि कैमरे में स्पष्ट दिख रहा है कि ऑटो चालक ने इतनी गलती की कि वह लेफ्ट टर्न से आगे आकर सीधी लेन में आ गया, इस दौरान एक बाइक सवार दुर्घटना का शिकार होने से बचा। इसी बीच रणजीत ने रोका और मां, बहन की गालियां देकर मारपीट शुरू कर दी। एक सरकारी कर्मचारी के लिए किसी भी व्यक्ति से इस तरह की हरकत करना सिविल सर्विस रूल का उल्लंघन है। हनी ट्रैप मामले में फरियादी रहे हरभजन सिंह को भी गलत आचरण के चलते ही निलंबित किया गया था। शहर के आम लोग अब रणजीत पर भी ऐसी ही कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

जनता बोली - सिपाही को मारने का अधिकार किसने दिया

ऑटो चालक के साथ हुई मारपीट के खिलाफ शहर के अधिकतर लोग रणजीत के विरोध में हैं। भले ही उक्त ऑटो चालक ने इसकी शिकायत न की हो, लेकिन कहना है कि सिपाही को मारने और गाली गलौच का अधिकार किसने दिया? अगर इस पर अभी कार्रवाई नहीं की तो आगे भी इस तरह की हरकत आगे भी होगी। मामले में खास बात है कि जहां यह हरकत हुई, इस मार्ग को एडीजी वरुण कपूर के निर्देशन में आदर्श मार्ग बनाया गया है। ऐसे मार्ग पर पुलिस का यह व्यवहार जनता को रास नहीं आया। रणजीत की वजह से इन दिनों पूरे विभाग की किरकिरी हो रही है। बड़े अफसर भी कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

हुसैन अली
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