गुरु नर और नारायण का अद्भुत संगम

गुरु नर और नारायण का अद्भुत संगम

Amit S mandloi | Updated: 27 May 2019, 04:58:42 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

पंचकल्याणक में गर्भ कल्याणक पर समाजजन ने किया पाद प्रक्षालन

इंदौर. गुरु नर और नारायण का अद्रुत संगम है। गुरु शिष्य को हंस की तरह आकाश में उडऩा, मछली की तरह पानी में तैरना और इंसान की तरह चलना सिखाता है। गुरु ही कंकर को शंकर, नर को नारायण, तिर्यच को तीर्थंकर व पशु को परमेश्वर बनाते हैं। गुरु नर और नारायण का अनोखा संगम है।

रविवार को मुनि प्रसन्न सागर महाराज ने स्मृति नगर पंचकल्याणक में गर्भ कल्याणक के पावन अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए गुरु की महिमा बताई। उन्होंने कहा गुरु दूज से पूर्णिमा तक की विकास यात्रा है। जिन्हें जीवन से प्यार है वह सतगुरु की खोज करे। गुरु के बिना जीवन शुरू नहीं हो सकता। महात्मा, परमात्मा और मां जीवन तीर्थ है। इनकी सेवा पूजा समर्पण से हम भाग्य को सौभाग्य में तब्दील कर सकते हैं। इस अवसर पर सौम्य मूर्ति मुनि पीयुष सागर महाराज ने कहा धरती को जिसकी प्रतीक्षा थी वह आने वाला है। पौधों में कली आ गई है। सर्वत्र हरियाली छा गई है। प्रकृति मुस्करा रही है। स्वयं को निहार रही है। गर्भ में जीव का आगमन हो चुका है, जो जगत को मार्ग बताने वाला है। प्रकाशित करने वाला है।

पंचकल्याणक के मुख्य आयोजक बाल ब्रह्मचारी तरुण भैया ने बताया 56 कुमारिया आज रात्रि में माता की सेवा करेगी। उसके पश्चात 28 को प्रात: भगवान का जन्म कल्याणक मनाया जाएगा। इस अवसर पर १९ से २३ जून को आयोजित होने वाले खेल प्रशाल में अंतरमना महामंत्र महोत्सव के आयोजन के पोस्टर का विमोचन मुख्य समन्वयक विमल सोगानी, महामंत्री अनिल जैनको, मुख्य संयोजक डी के जैन, संयोजक जैनेश झांझरी, प्रमोद पापड़ीवाला, महावीर बेनाड़ा, सनत झांझरी ने किया। रविवार को गर्भ कल्याणक के अवसर पर मुनि का पाद प्रक्षालन एवं सभी धार्मिक क्रियाओं में भाग लेकर धार्मिक गंगा में डुबकी लगाई।

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