लिटरेटर फेस्ट में बोले लेखक- कहानियों में जुड़ी हो मॉरल वैल्यूज

एनडीपीएस के तीर्थांजलि में किया लिटरेटर फेस्ट का आयोजन

इंदौर. तितली, जंगल, नदी-तालाब, फूलों की प्राकृतिक सुंदरता सबको प्यारे हैं। कहानी की दुनिया इन्हें और सुंदर बना देती है। हर कहानी खास बन जाती है अगर कहने वाले का अंदाज खास हो। एनडीपीएस के तीर्थांजलि में रविवार को बच्चों के जीवन में क हानियों का महत्व देखते हुए लिटरेचर फेस्ट का आयोजन किया गया। कहानी के इस संसार को करेड़ी टेल्स की पब्लिशिंग डायरेक्टर शोभा विश्वनाथ और एजुकेशनिस्ट विजयलक्ष्मी नागराज ने सजाया। इस अवसर पर चेयरपर्सन सिंधु मेंडके, निदेशक गोपाल जी. मारवाल, एनडीपीएस प्राचार्य विंस्टन गोमेज, प्रबंधक डीएम ठोकर, उपप्राचार्य चंद्रेश शाह, तीर्थांजलि एकेडमी प्रिंसिपल परवीन डावर उपस्थित थे। नागराज ने पपेटरी की मदद से बच्चों को रोचक कहानियां सुनाईं।

बच्चों के लिए २१ सालों से ऑडियो बुक्स तैयार कर रहीं शोभा की बुक्स को नसीरुद्दीन शाह, सईद जाफरी, गिरीश कनार्ड जैसे लोग आवाज दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि हर कहानी के अंत में हम बच्चों से सवाल करते हैं कि इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है। इसे खत्म करने की जरूरत है । ये मिथ दूर किया जाए कि कहानियां शिक्षाप्रद ही हों।

 

क्लासरूम टीचिंग में शामिल करें स्टोरी टेलिंग

विजयलक्ष्मी ने कहा कि बच्चों को क्लासरूम टीचिंग में स्टोरी टेलिंग शामिल करने से वो इंटरेस्टिंग हो सकती है। किसी चैप्टर की पांच बच्चों से रीडिंग करवाते हैं तो वो इंपैक्ट नहीं डालेंगी। बच्चों को कहानी सुनाते समय बीच में रोककर अंत पता करने के लिए कहें तो वो इंटरेस्ट डेवलप करेगा और वो हमेशा उस क हानी को याद रखेंगें। मैथ्स और साइंस जैसे सब्जेक्ट्स को भी कहानी के माध्यम से आसानी से समझाया जा सकता है। उसमें फैक्टस, कल्चर, हिस्ट्री को शामिल करें। आज पैरेंट्स आईक्यू पर फोकस कर रहे हैं, जबकि ईक्यू यानी इमोशनल लेवल पर ध्यान नहीं दे रहा।

बच्चों को कहानी सुनाते समय बीच में रोककर अंत पता करने के लिए कहें तो वो इंटरेस्ट डेवलप करेगा और वो हमेशा उस क हानी को याद रखेंगें।

अर्जुन रिछारिया Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned