बारदाना ने गेहूं खरीदी पर लगाया ब्रैक

15 मई आखिरी तारीख : गांवों में कोरोना संक्रमण के चलते भी किसान बच रहे केंद्र पर जाने से

By: रमेश वैद्य

Published: 13 May 2021, 02:57 AM IST

इंदौैर. प्रदेश सरकार द्वारा तय किए गए समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं की खरीदी पिछले करीब एक सप्ताह से बारदाना की कमी के चलते प्रभावित हो रही है। बारदाना नहीं होने से खरीदी केंद्रों पर पहुंच रहे किसानों को अपना गेहूं लेकर वापस लौटना पड़ रहा है।
सरकार ने गेहूं खरीदी की आखिरी तारीख 15 मई तय की है, लेकिन बारदाना और हम्मालों की कमी से बड़ी सख्या में किसानों का गेहूं अभी नहीं बिक सका है और अब तारीख बढ़ाने की भी मांग उठ रही है। कोरोना कफ्र्यू और लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र से प्लॉस्टिक के बारदाना नहीं आ सके हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में पिछले महीने हुए चुनाव के चलते भी जूट के बारदाना अपेक्षा अनुरूप नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले सप्ताह करीब पांच दिन तक खरीदी लगभग बंद रहे। गत वर्ष गेहंू खरीदी करने में पूरे देश में नंबर वन रही मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष इस वजह से पिछड़ सकती है।
30-30 गठान की जरूरत
जिले में हर खरीदी केंद्रों बारदाना की कमी हैं। कहीं-कहीं, तो कहीं 20 तो कहीं 30 गठान बारदानों की जरूरत है। कुछ केंद्रों ने पिछले सप्ताह ही अपनी डिमांड प्रशासन को भेज दी, लेकिन अब तक बारदान उन्हें प्राप्त नहीं हुए हैं। खरीदी केंद्रों पर जल्द ही बारदाना नहीं पहुंचे तो उन किसानों की समस्याएं बढ़ेगी। सरकार से मैसेज मिलने के बाद यदि तय समय सीमा में खरीदी नहीं होती है, तो बिल बनाने में तकनीकि परेशान आएगी।
मंत्री के क्षेत्र में अधिक परेशानी
जिले में सरकार ने कुल 98 गेहूं खरीदी केंद्र बनाए हैं। सरकार के पोर्टल पर रजिस्टर्ड हजारों किसान हैं, जो अपना गेहंू बेचेंगे। जाधव ने बताया प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट की विधानसभा सांवेर से जुड़े केंद्रों पर बारदाना की अधिक परेशानी देखने को मिल रही है। सांवेर के कछालिया, बगाना, टाकून सोलसीदा, सेमलिया चाउ में चार दिन खरीदी बंद रही। इसी तरह देपालपुर तहसील के गांव अटाहैड़ा, चांदेर, कराडिय़ा पर भी परेशानी हैं।
कोरोना ने भी बढ़ाई मुसीबत
बारदाना की कमी के अलावा इस दिनों गेहूं खरीदी केंद्रों पर हम्मालों की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है। पिछले करीब 10 दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना तेजी से फैला है, इसके चलते हम्माल खरीदी केंद्र नहीं पहुंच रहे हैं। किसान का गेहंू लाने का प्रतिशत भी पिछले एक सप्ताह में कम हुआ है।
30 मई तक खरीदी की मांग
किसान संघ से जुड़े बबलू जाधव का कहना है, बारदाना और केंद्रों पर हम्मालों की कमी सहित कोरोना संक्रमण के चलते इस बार बड़ी संख्या में किसान अपना गेहूं केंद्र पर बिक्री नहीं कर सकें। किसानों के हितों के चलते सरकार को गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ाते हुए इसे 30 मई तक करना चाहिए।

रमेश वैद्य Desk
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