पुष्करणी के बीच जल व पुष्प बंगले में दिए प्रभु वेंकटेश ने दिव्य दर्शन

amit mandloi

Publish: Jul, 13 2018 11:03:25 PM (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
पुष्करणी के बीच जल व पुष्प बंगले में दिए प्रभु वेंकटेश ने दिव्य दर्शन

आज रथयात्रा श्री लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग से शाम ४ बजे, फूलों की महक से महका मंदिर परिसर

इंदौर। पुष्करणी के बीच जल व पुष्प बंगले में विराजित भगवान वेंकटेश के दिव्य दर्शन के लिए शाम से देर रात तक लंबी कतार लगी रही। मोगरा, गुलाब सहित कई तरह के पुष्पों की महक से पूरा मंदिर परिसर महक उठा। भक्त गोविंदा-गोविंदा के जयकारा लगाते हुए मंदिर परिसर में प्रभु के दर्शन के लिए आतुर दिखाई दिए।
शुक्रवार को पुष्प बंगले में अनेक प्रकार के पुष्पों के साथ पुष्करणी के जल व इत्र की खुशबु के साथ वाद्य यंत्रों की मधुर धुन वेंकटरमन गोविंदा श्रीनिवास गोविंदा की गूंज सुनाई दे रही थी। मुख्य द्वार से अंदर गोपुरम तक चारो ओर सिर्फ पुष्पों से सजी उन गुफाओं के बीच से निकलते भक्त के साथ ३२ झरोकों में से सभी पूर्व आचार्यों के दिव्य दर्शन हो रहे थे। चारों ओर से चांदनी में तारे सितारे के नीचे पुष्करणी का शीतल जल और उसके बीच में प्रभु वेंकटेश रत्न जडि़त प्रभु तिरुपति बालाजी स्वरूप में भगवती महालक्ष्मी के स्वरूप में दर्शन दे रहे थे। नागोरिया पिठाधिपति स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज विराजमान होकर सभी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान कर रहे थे। यजमान नितीश कमलेश यादव परिवार ने पुष्प बंगले के दर्शन खुलते ही महाआरती कर पूजन किया और उनका बहुमान भी किया। पुखराज सोनी, महेंद्र नीमा, अजय लाहोटी, अशोक डागा सहित २०० से अधिक कार्यकर्ता की टीम देर रात तक व्यवस्थाएं संभालने में जुटे रहे। भजन गायक राजेश सांखला ने अपने भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रदेश की सबसे बड़ी रथयात्रा आज
रथयात्रा संयोजक दिनेश डागा व पवन व्यास ने बताया कि देश की तीसरी और प्रदेश की सबसे बड़ी रथयात्रा शनिवार को शाम ४ बजे निकलेगी। रथयात्रा में भगवान वेंकटेश अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए शहर में पूरे लाव-लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे। हजारों भक्तों का जनसैलाब प्रभु के दर्शन के लिए सडक़ पर उतरेगा। यात्रा में भक्ति संगीत की मधुर गंगा भजन गायक द्वारकादास मंत्री, हरिकिशन साबू, पीयुष भावसार, वेंकटेश दशमेश मंडल, महिला मंडल सहित कई भजन मंडलियां बहाएगी।

रथयात्रा का यह रहेगा मार्ग
रथयात्रा छत्रीबाग से प्रारंभ होकर नृसिंह बाजार, सीतलामाता बाजार, गोराकुंड चौराहा, शक्कर बाजार, बड़ा सराफा, पीपली बाजार, बर्तन बाजार, बजाजखाना, साठा बाजार से होते हुए पुन: मंदिर परिसर पर आकर समाप्त होगी। रथयात्रा के मार्ग में करीब २०० स्थानों पर मंचो से इस यात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा से किा जाएगा। साथ ही अनेक जगह प्रसाद का वितरण होगा। इस यात्रा में २०० कार्यकर्ता वाकी-टाकी के साथ वाट्सअप पर व लागातार जानकारी अपडेट कर व्यवस्था संभालेंगे। यात्रा में स्वच्छता, बेटी बचाओं के संदेश व पर्यावरण , गो सेवा पर आधारित झांकी शामिल रहेगी। रामानुज स्वामी द्वारा दिए गए संदेशों की झलक भी दिखेगी। रामानुज स्वामी के २४ अवतारों का दर्शन होगा।

रथ को भक्त अपने हाथों से खीचेंगे
प्रचार प्रमुख पंकज तोतला ने बताया कि रथयात्रा में दिव्य चांदी के रथ पर प्रभु वेंकटेश विराजमान होकर निकलेंगे तो सभी भक्त अपने हाथों से रथ को खीचेंगे। रथ के आगे अनेक महिलाएं और पुरुष झाडू लगाते हुए चलेंगे। भक्तों द्वारा सडक़ो पर गुलाब जल डालकर सडक़ो को धोया जाएगा। बग्घियों में संत भक्तों को आशीर्वाद देते चलेंगे।

 

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