scriptBig decision of Supreme Court regarding land worth crores | court : करोड़ों की जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला | Patrika News

court : करोड़ों की जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

court :- मिल्की-वे टॉकीज की बेशकीमती जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिया निगम के पक्ष में फैसला, हाई कोर्ट का आदेश खारिज, रीगल टॉकीज से लगी 19200 वर्गफीट जमीन पर होगा नगर निगम का अधिकार

इंदौर

Published: March 04, 2022 03:52:57 pm

court :  इंदौर. एमजी रोड पर रीगल टॉकिज से लगी मिल्की-वे टॉकीज की बेशकीमती जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला दिया है। इंदौर हाई कोर्र्ट द्वारा जमीन की लीज निरस्त को लेकर दिए फैसले को निरस्त कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब मिल्की-वे टॉकीज की करीब 19200 वर्गफीट जमीन पर नगर निगम का अधिकार होगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि भले ही जमीन नगर निगम की है, लेकिन राज्य सरकार को इस जमीन की लीज निरस्त करने का अधिकार है। टॉकीज संचालित करने के लिए जमीन लीज पर दी गई थी, लेकिन अब वहां लीज शर्तों का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में राज्य शासन ने जमीन की लीज निरस्त कर सही किया था। कोर्ट के फैसले से निगम को बड़ी राहत मिली है। एडवोकेट मनोज मुंशी के मुताबिक, एमजी रोड स्थित यह जमीन दशकों पहले होमी रागीना को टॉकीज के लिए लीज पर दी थी। लंबे समय तक यहां मिल्की-वे टॉकीज संचालित होता रहा। 1992 में लीज समाप्त होने पर निगम ने लीज नवीनीकरण कर दिया। कुछ साल बाद संचालकों ने टॉकीज बंद कर दिया। लीज शर्तों का उल्लंघन होने पर राज्य सरकार ने जमीन की लीज निरस्त कर दी थी।
court : करोड़ों की जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
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जिला कोर्ट ने दिया था सरकार के खिलाफ फैसला

लीज निरस्ती के फैसले को रागीना परिवार ने जिला कोर्ट में चुनौती दी थी। तर्क था कि जमीन नगर निगम ने लीज पर दी थी, लीज का नवीनीकरण भी हो चुका है। ऐसे में लीज निरस्त करने का अधिकार राज्य सरकार को नहीं है। कोर्ट ने रागीना परिवार के पक्ष में फैसला देते हुए लीज निरस्त का आदेश खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना था कि जमीन निगम की है, इसलिए राज्य शासन लीज निरस्त नहीं कर सकती। फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन हाई कोर्ट ने जिला न्यायालय के फैसले को यथावत रखा। फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर अब फैसला आया है। मुंशी ने बताया, जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस राम सुब्रमण्यम की युगल पीठ ने माना कि सरकार को लीज निरस्त का अधिकार तो है लेकिन जमीन की मालिकियत निगम की होगी।

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