रेलवे स्टेशन पर बड़ी लापरवाही, हो सकता है बड़ा धमाका!

कोचिंग डिपो में पिट लाइन के बीच में आ गई डीजल पाइप लाइन

इंदौर. इंदौर रेलवे स्टेशन के कोचिंग डिपो में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां कुछ ट्रेनों में उपयोग होने वाले डीजल की लाइन पिट लाइन के बीच में आ गई है और अफसरों को भनक कर नहीं लगी, या यूं कहें कि अफसरों की जानकारी के बावजूद इस डीजल लाइन को हटाया नहीं गया, जबकि होना यह चाहिए कि डीजल लाइन को पिट लाइन के अंतिम छोर पर होना चाहिए ताकि किसी तरह की दुर्घटना होने पर तत्काल एक्शन लिया जा सके। हाल ही में पास में ही एक नई पिट लाइन का काम चल है, बावजूद इसके डीजल लाइन को हटाया नहीं गया है।
जानकारी के अनुसार डीजल पाइप लाइन, पिट लाइन के अंतिम छोर पर होना चाहिए। इंदौर कोचिंग डिपो में भी ऐसा ही था, लेकिन कुछ दिनों पहले ही बनकर तैयार हुई नई पिट लाइन के बाद यह डीजल लाइन बीच में आ गई है। होना यह चाहिए था कि नई पिट लाइन बनने के बाद इस डीजल लाइन को भी अंतिम छोर पर शिफ्ट किया जाना था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

इसलिए डाली डीजल लाइन

कोचिंग डिपो में यशवंतपुर और कोचूवेली ट्रेन का भी मेंटेनेंस किया जाता है। इस दोनों ट्रेन का रैक एलएसबी तकनीक है। इसलिए इनमें जनरेटर कार होती है। इस जनरेटर कार में मेंटनेंस के दौरान डीजल भरा जाता है, क्योंकि रैक की लाइटिंग इसी जनरेटर कार से चलती है, जबकि अन्य ट्रेनों में लाइटिंग के लिए बैटरी का उपयोग किया जाता है।

...तो सीधे होगा ब्लास्ट

जानकारी के अनुसार पिट लाइन पर दिनभर मैकेनिकल स्टाफ और हाउस कीपिंग के कर्मचारियों का आना-जाना लगा रहता है। इसके साथ अधिकारियों भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में अगर किसी दिन शॉर्ट सर्किट या अन्य कारण से लाइन आग पकड़ लेती है, तो सीधे बड़ा ब्लास्ट होगा। जिससे धन और जन दोनों की हानि होगी।

सामने आ चुकी लापरवाही

करीब साल भर पहले इस पाइप लाइन में एक जोड़ पर लीकेज हो गया था। यहां से दिनभर डीजल बहता रहा, लेकिन किसी कर्मचारी और अधिकारी की नजर नहीं पड़ी।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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