Navratri 2021 भाग्य बदलनेवाली माता, पुत्र की कामना लेकर आते हैं भक्त

1000 साल पुराना है मंदिर का इतिहास Navratri 2021

By: deepak deewan

Published: 13 Oct 2021, 02:26 PM IST

इंदौर। देशभर में नवरात्रि उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है. नवरात्र 2021 के मौके पर patrika.com आप को बता रहा है मध्यप्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों के बारे में...। आइए आज इंदौर के विख्यात बिजासन माता मंदिर के बारे में जानते हैं जिसका इतिहास एक हजार साल पुराना है।

मंदिर का निर्माण इंदौर के महाराजा शिवाजीराव होलकर ने कराया - इस मंदिर में देवी के नौ स्वरूप विद्यमान हैं। तंत्र-मंत्र, सिद्धि के लिए इस मंदिर की खास पहचान रही है। किसी जमाने में आसपास काले हिरणों का जंगल था पर अब जंगल भी सिमट गया है और काले हिरण भी कम बचे हैं. पूर्व में माता चबूतरे पर विराजित थीं. बाद में सन 1760 में इंदौर के महाराजा शिवाजीराव होलकर ने मंदिर का निर्माण कराया.

 

Bijasan Mata changes the fate
IMAGE CREDIT: patrika

इस मंदिर की विशेषता है कि यहां संतान के इच्छुक भक्त ज्यादा आते हैं.यही कारण है कि विवाह के बाद यहां प्रदेश ही नहीं बल्कि देश भर से नवयुगल माता के दर्शन और पूजन के लिए आते हैं.बिजासन माता को भाग्य कारक और पुत्रदायिनी मां माना जाता है. इसके चलते पुत्र की कामना लिए दूर—दूर से भक्त यहां आते हैं.

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बताया जाता है कि आल्हा-उदल ने मांडू के राजा को हराने के लिए माता से मन्नत मांगी थी. मंदिर की वास्तुकला बहुत साधारण है. साधारण मिट्टी, पत्थर के चबूतरे पर विराजमान माता के नौ स्वरूपों के लिए तत्कालीन होलकर शासक ने यहां मराठा शैली में मंदिर का निर्माण कराया था. हालांकि बाद में कई बार विकास कार्य हुए.

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