भाई ही निकला भाई का हत्यारा

चार दिन पहले महू तहसील के कालाकुंड गांव में चोरल नदी में गांव के युवक की लाश मिली थी। सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। सिमरोल पुलिस को मामले में मर्ग कायम कर जांच के दौरान पता चला कि मछली पकडऩे के एकाधिकार को खत्म करने के लिए हत्या की गई है। मामले में पुलिस ने हत्यारे भाई सगे भाई उसके एक साथी को हिरासत में लिया है।

By: Sanjay Rajak

Published: 21 Jul 2021, 09:55 AM IST

डॉ. आंबेडकर नगर(महू).

कालाकुंड रेलवे स्टेशन पीछे चोरल नदी पर बने स्टॉप डेम मैं गांव के पटेल सेवाराम कोहली की 17 जुलाई को रक्तरंजित लाश मिली थी। मृतक सेवाराम को धारदार हथियार से मारा गया था। पुलिस अधीक्षक पश्चिम महेशचन्द्र जैन मार्गदर्शन में सिमरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र शिवहरे के नेतृत्व जांच दल बनाया गया। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतक के परिजनों ने पूछताछ में बताया कि स्टॉपडेम पर सेवाराम कोहली के मछली पकडऩे के एकाधिकार को खत्म करने और पुरानी रंजिश के चलते इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।

एक दिन पहले गए थे मछली पकडऩे

पूछताछ में सामने आया कि 16 जुलाई को चोरल नदी के स्टॉपडेम पर मृतक के भाई रमेश पिता रघुनाथ कोहली निवासी कालाकुंड और छितर सिंह पिता नानूराम कोहली निवासी बरखेड़ा भी मछली पकडऩे गए थे। संदेह के आधार पर जब दोनों से पूछताछ की गई तो देानों ने कुल्हाड़ी से सेवाराम की हत्या करना कबूल कर लिया। हत्या का कारण सेवाराम द्वारा स्टॉपडेम पर आरोपियों को मछली पकडऩे से रोकने पर हुआ विवाद होना बताया। आरोपियों के पास से कुल्हाड़ी और कपड़े जब्त किए गए है।

इसलिए की हत्या

पुलिस ने बताया कि मामले में गांव के पटेल मृतक सेवाराम कोहली ने चोरल नदी स्टॉप डेम पर मछली पकडऩे का एकाधिकार दबंगई से जमा रखा था। जिसे खत्म करने के लिए सगे भाई रमेश कोहली ने साथी छितर कोहली के साथ मिलकर सेवाराम कोहली की हत्या कर दी। पुलिस की कार्रवाई में उप निरीक्षक आशीष शर्मा, प्रधान आरक्षक हिमांशु चौहान, आरक्षक रितेश परमार, कमल रावत का योगदान रहा।

Sanjay Rajak Reporting
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