कोरोना की तीसरी लहर से पहले रहें सावधान, लगातार बढ़ रहे हैं डेंगू और मलेरिया के मामले, कलेक्टर ने दिए निर्देश

निगरानी के लिए बनाएं दल, मरीज सामने आने पर तुरंत इलाज शुरू करें....

By: Ashtha Awasthi

Published: 07 Sep 2021, 06:42 PM IST

इंदौर। शहरी और ग्रामीण इलाके में कोरोना की तीसरी लहर से पहले डेंगू, मलेरिया और वायरल से बचाव जरूरी है। इसके लिए घर-घर सर्वे और ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव कार्य किया जाए। पंचायत स्तर पर कर्मचारियों को अलर्ट करें और ग्रामीणों पर पूरी तरह नजर रखें। इसके लिए उच्च अधिकारियों को जबाबदारी सौंपी है। बैठक में सभी को कहा गया, फीवर क्लीनिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अलर्ट मोड पर रखें। यहां आने वाले मरीज यदि गंभीर हों तो उन्हें तत्काल इलाज के लिए से हॉस्पिटल भेजें। यदि कोरोना मरीज हो तो उन्हें कोविड केयर सेंटर भेजे।

शहरी व ग्रामीण इलाकों में इन दिनों तेजी से फैल रही इन बीमारियों की रोकथाम के लिए कलेक्टर मनीष सिंह ने अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग व जिला पंचायत के अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान संसाधन और स्थिति की समीक्षा की गई। सभी से कहा है, इनके बचाव में लापरवाही नहीं करें। घर-घर जाकर सर्वे, रोकथाम के प्रबंध करने के लिए दल भी गठित कर दिए हैं। ये लोग पूरी तरह नजर रखेंगे।

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कलेक्टर ने कहा, कोरोना के साथ ही इनको रोकना भी हमारी प्राथमिकता है, क्योंकि इनके माध्यम से ही कोरोना आक्रमण कर सकता है। नगर निगम और पंचायतों को कहा है, जलजमाव और मच्छर वाले क्षेत्रों में क्रूड ऑयल का छिड़काव करें। मच्छर नाशक दवाओं का उपयोग करें। मलेरिया की दवा बांटे।

शहरी क्षेत्र में फॉगिंग मशीन का लगातार उपयोग करें। कलेक्टर ने निगमायुक्त प्रतिभा पाल को निचले इलाकों में रोकथाम के लिए रणनीति बनाने के निर्देश भी दिए। इन इलाकों से मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। बैठक में एडीएम पवन जैन, अभय बेड़ेकर, अजयदेव शर्मा, राजेश राठौर, डॉ. बीएस सैत्या व अन्य अधिकारी मौजूद थे।

कोरोना मरीज को तत्काल सेंटर भेजे

कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया, कोरोना की जांच और सैंपलिंग में कोताही नहीं बरती जाए। ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग करें। यदि कोई कोरोना पॉजिटिव मिले तो तत्काल उसे कोविंड केयर सेंटर या हॉस्पिटल भेजें। इलाज शुरू कराएं। इस समय किसी तरह की कमी नहीं रखें। गंभीरता से कांटेक्ट ट्रेसिंग करें और कटेनमेंट एरिया बनाकर संबंधित लोगों को आइसोलेट करें! फोन नंबर व पता राही लिखें। मरीजों से भी इसके लिए आग्रह करें। दूसरे रोज के लिए सतत वैक्सीनेशन करें।

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