तीन से चार दिन लेट होगा सीईटी का रिजल्ट

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के विभागों में दाखिले के लिए हुई ऑनलाइन सीईटी (कॉमन इंट्रेंस टेस्ट) के नतीजों के लिए इंतजार और बढ़ गया है। सीईटी के नतीजे सोमवार तक जारी होने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन, परीक्षा कराने वाली एजेंसी के पास दूसरी अन्य परीक्षाओं की जिम्मेदारी होने से रिजल्ट तैयार नहीं हो सका। रिजल्ट लेट होने से काउंसलिंग इस महीने शुरू नहीं हो सकेगी।

इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के विभागों में दाखिले के लिए हुई ऑनलाइन सीईटी (कॉमन इंट्रेंस टेस्ट) के नतीजों के लिए इंतजार और बढ़ गया है। सीईटी के नतीजे सोमवार तक जारी होने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन, परीक्षा कराने वाली एजेंसी के पास दूसरी अन्य परीक्षाओं की जिम्मेदारी होने से रिजल्ट तैयार नहीं हो सका। रिजल्ट लेट होने से काउंसलिंग इस महीने शुरू नहीं हो सकेगी। यूनिवर्सिटी ने 31 अगस्त को सीईटी कराने के साथ ही सितंबर में काउंसलिंग का पहला चरण निपटाने के लिए 15 सितंबर तक ही रिजल्ट घोषित करने की तैयारी की थी। कोविड गाइडलाइन के चलते सीईटी में शामिल होने वाले हजारों वियार्थियों को इंदौर से बाहर के परीक्षा केंद्र अलॉट हुए। इस पर हुए विवाद के बाद इंदौर से बाहर भेजे विद्यार्थियों के लिए इंदौर में ही 4 सितंबर को दूसरे चरण की सीईटी कराई गई। इस चरण के साथ ही सीईटी की बाकी प्रक्रिया भी पिछड़ती चली गई। सीईटी का रिजल्ट 15 सितंबर की जगह 20 सितंबर को घोषित करने का दावा किया गया। इसके बाद 23 सितंबर से रजिस्ट्रेशन विंडो खोलने और इसी माह के अंत तक काउंसलिंग का पहला चरण कराने की तैयारी थी। रविवार को सीईटी कमेटी के सदस्यों ने एनटीए से रिजल्ट घोषित होने की तिथि और रिजल्ट के प्रारुप के संबंध में चर्चा की। एनटीए ने सितंबर में ही हुई बाकी परीक्षाओं का हवाला देते हुए सीईटी के रिजल्ट में देरी होने की जानकारी दी। एनटीए के प्रतिनिधियों ने बताया कि ये रिजल्ट बुधवार या गुरुवार तक जारी हो सकता है। सीईटी कमेटी के चेयरमैन डॉ.कन्हैया आहूजा ने बताया, सीईटी का रिजल्ट जारी होने के अगले ही दिन रजिस्ट्रेशन विंडो खोल दी जाएगी। 3 या 4 अक्टूबर से काउंसलिंग का पहला चरण कराया जा सकता है।

निजी कॉलेज चुन रहे सीईटी देने वाले छात्र

रिजल्ट में देरी का खामियाजा हजारों विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। सीईटी के जरिए डीएवीवी में दाखिले की दौड़ में शामिल हुए छात्र-छात्राओं में से ज्यादातर अब निजी कॉलेजों में दाखिला लेने पहुंच रहे है। दरअसल, कॉलेजों के लिए दो चरण की काउंसलिंग हो चुकी है। इसमें प्रमुख कोर्सेस की ज्यादातर सीटें भरा गई। बाकी सीटों के लिए सीएलसी में ही मौका है। 30 सितंबर तक सीएलसी में हिस्सा नहीं लेने वालों को अगर सीईटी में मौका नहीं मिला तो उनका साल ही बर्बादो हो जाएगा।

अभिषेक वर्मा
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