काशी-महाकाल ट्रेन में शराबियों ने किया हंगामा

कानपुर से 12 किमी पहले 45 मिनिट तक ट्रेन बीच में ही हुई खड़ी, 6 शराबियों में से 3 को किया जीआरपी के हवाले।

इंदौर. काशी-महाकाल ट्रेन के इंदौर से वाराणसी के पहले कमर्शियल रन में ही शराबियों ने जमकर उत्पात मचाया। हालत यह हो गई कि अन्य यात्रियों को अपनी सीटें तक बदलना पड़ गई। लेकिन जब शराबियों की बदतमिजी ज्यादा बढ़ तो उन्होंने आइआरसीटीसी के अफसरों को इसकी जानकारी दी। इस पर टे्रन को स्टॉप न होने के बावजूद उत्तरप्रदेश तक कानपुर से 12 किमी पहले ही भीमसेन स्टेशन पर उतार दिया। इस वजह से ट्रेन को 45 मिनिट तक खड़ा कर दिया गया। जब यात्रियों ने हंगामा मचाया तो ट्रेन रात 10.25 बजे आगे बढ़ी।

दरअसल, कुल 6 यात्री शाम 6.50 बजे झांसी स्टेशन से ट्रेन के बी3 कोच में सवार हुए थे। इसके बाद इन यात्रियों ने शराब के नशे में ट्रेन के अंदर ही हंगामा मचाना शुरू कर दिया। इस पर जब अन्य यात्रियों ने उनके इस व्यवहार पर आपत्ति ली, तो उन्होंने उनके साथ ही बुरा बर्ताव करना शुरू कर दिया। काफी देर तक अन्य यात्रियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इस पर आखिरकार ट्रेन में मौजूद सुरक्षाकर्मी जितेंद्र पटेल को इसकी सूचना दी गई। सूचना पाते ही सुरक्षाकर्मी पटेल ने भी उन्हें शांत करने की कोशिश की तो वे और ज्यादा हंगामा करने लगे। इस पर रात 9.46 बजे बीच रास्ते में ही चैन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया और उन्हें स्टेशन के पुलिसकर्मियों के हवाले कर दिया गया।

आईजी से करवाने लगे बात
जब उक्त शराबियों को ट्रेन से उतार कर जीआरपी के हवाले किया गया तो उन्होंने फिर हंगामा करना शुरू कर दिया। इस पर जब पुलिस ने उन्हें पकडऩे की कोशिश की तो वे किसी अनिल राय नामक व्यक्ति को आईजी बताते हुए फोन पर बात करवाने लगे। काफी देर तक जीआरपी और आइआरसीटीसी के अफसर फोन पर ही उन्हें शराबियों के बारे में बताने लगे।

जीआरपी और ट्रेन अधिकारियों में विवाद
आइआरसीटीसी अफसरों ने जब जीआरपी पुलिस को जब 6 यात्रियों की जानकारी दी तो जीआरपी का कहना था कि उक्त यात्रियों को कानपुर में उतारा जाए। चूंकि ट्रेन का भीमसेन में अधिकारिक स्टॉप नहीं था, इसलिए जब तक आइआरसीटीसी द्वारा लिखित में नहीं दिया जाता, तब तक उक्त शराबी यात्रियों को कस्टडी में नहीं लिया जाएगा। इसे लेकर काफी देर तक इस बात को लेकर बहस होती रही।

बहस के बीच 3 शराबी हुए गायब
आइआरसीटीसी और जीआरपी के बीच मेमो देने को लेकर हो रही बहस के बीच 6 में से 3 शराबी अचानक गायब हो गए। जब मेमो लेकर कस्टडी की बारी आई तो सामने 3 ही शराबी नजर आए। इस पर काफी देर तक ट्रेन में शराबियों की तलाशी चलती रही। आखिरकार 3 ही शराबियों को जीआरपी पुलिस को कस्टडी में लेकर ट्रेन को रवाना किया गया।

shatrughan gupta
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