निमाड़ की मिर्च को देश में बनाएंगे नंबर वन  : कृषि मंत्री

देशभर से जुटे वैज्ञानिक, जैविक खेती बढ़ाने पर दिया जोर

By: रमेश वैद्य

Published: 01 Mar 2020, 01:50 AM IST

खरगोन. पहली बार आयोजित हो रहे दो दिवसीय चिली महोत्सव का आगाज शनिवार को कसरावद की कृषि उपज मंडी में हुआ। प्रदेश के कृषि मंत्री व कसरावद विधायक सचिन यादव ने इसकी शुरुआत की। कृषि मंत्री ने कहा कि हम चिली महोत्सव के बाद बुरहानपुर में केला महोत्सव भी मनाएंगे। इससे निमाड़ की मिर्ची की देशभर में ब्रांडिंग होगी और किसानों को व्यापार के बड़ा प्लेटफॉर्म भी मिलेगा।
मप्र को हार्टिकल्चर का हब बनाया जाएगा।

11 हजार किसानों ने भरे संकल्प पत्र
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निमाड़ी मिर्ची की ब्रॉडिंग के साथ किसानों को जैविक खेती की ओर अग्रसर करना है। महोत्सव से पहले 11 हजार किसानों ने संकल्प पत्र भरकर खेती को पूर्ण रूप से जैविक पद्धति और गो आधारित खेती करने की बात कही है। आगे भी इस दिशा में लगातार काम किए जाएंगे। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, भगवानपुरा विधायक केदार डावर, बड़वाह विधायक सचिन बिरला, मांधाता विधायक नारायण पटेल और नेपानगर विधायक सुमित्रा कास्डेकर मौजूद थे।

देश में दूसरे नंबर पर खरगोन
कृषि मंत्री ने कहा कि मिर्ची उत्पादन के मामले में खरगोन जिला देश में दूसरे नंबर पर है। इसे पहले पायदान पर पहुंचाने के लिए सबसे पहले यहां मिर्र्च के रकबे को बढ़ाने के प्रयास होंगे। उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रशिक्षित भी किया जएगा। कार्यक्रम में दिल्ली के वैज्ञानिक बलराजसिंह, डॉ. नावेद सवीर, डॉ. आईपी प्रसाद, उद्यानिकी आयुक्त एम काली दुराई आदि ने एक्सपर्ट ने मिर्च के बेहतर उत्पादन के लिए बारीकियां बताई।

सुर्ख लाल और तीखापन, इसलिए नंबर वन
प्रदेश में सबसे ज्यादा मिर्च का उत्पादन खरगोन जिले में होता है। क्योंकि यहां सुर्ख लाल और तीखी मिर्च पैदा होती है। 2014 में जिले में 39770 हेक्टेयर रकबा था। 2019 में यह घटकर 25369 हेक्टेयर रह गया। अब इसको बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। मिर्च महोत्सव में १०० से अधिक कंपनियों ने हिस्सा लिया। इसमें से कई कंपनियां मिर्च की ब्रांडिंग और एक्सपोर्ट का काम करेंगी। खरगोन जिले में मूल रूप से सोनल, नवतेज, सानिया, स्वर्णा, माही, तेजस, देववर्षा, 12 नंबर अरमर, रोशनी, रोमी, आर्यन, लक्ष्मीस्टार, विनस, न्यूजिनस, सूपर पिंकी, एचपीएच 12, कलश, यूएस 1003 किस्म की मिर्च पैदा होती है। यहां की मिर्च विदेशों तक में एक्सपोर्ट होती है। सबसे ज्यादा निर्यात चाइना को होता है।

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रमेश वैद्य Desk
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