शिकायतें हल करने में निगम फिसड्डी

स्वच्छता में नंबर-1 शहर में सफाई की व्यवस्थाएं ध्वस्त : मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की 2693 से ज्यादा शिकायतें लंबित

By: रमेश वैद्य

Updated: 10 May 2021, 02:44 AM IST

इंदौर. कोरोना के चलते शहर में कोरोना कफ्र्यू लगा है। वहीं, संक्रमण का सफाया करने के लिए पूरा सरकारी अमला मैदान में है, लेकिन शहर की अन्य व्यवस्थाएं ध्वस्त होती नजर आ रही हैं। हालात यह है, स्वच्छता में नंबर-१ शहर, सफाई की शिकायतों में ‘फेल’ होता नजर आ रहा है। हालत यह है कि शहर में सफाई से जुड़ी 251 शिकायतें लंबित हैं। वहीं, सीएम हेल्पलाइन पर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की 2693 शिकायतें लंबित हो चुकी हैं।
रोज बढ़ रहीं शिकायतें : एक ओर स्टाफ की कमी के चलते पुरानी समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर में शिकायतों का दौर बढ़ता जा रहा है। रोजाना 20 से ज्यादा शिकायतें नई दर्ज हो रही हैं।
जोनल कार्यालयों पर ऑपरेटर नहीं
जो शिकायतें आ रही हैं, उनका जवाब तक निगम द्वारा नहीं दर्ज कराया जा रहा है। दरअसल, आने वाली शिकायतों का जवाब भी जोन स्तर पर दर्ज कराया जाता है। लेकिन, हालत यह है कि जोनल कार्यालय पर काम करने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर्स की ड्यूटी कोरोना वैक्सीनेशन और अन्य कामों में लगाया गया है, जिसके कारण जवाब भी नहीं भेजे जा पा रहे हैं। इसके चलते भी लंबित शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
आधे से ज्यादा कर्मचारी नहीं आ रहे
शहर की मूल जरूरत सफाई, पानी, सीवरेज की समस्या ही नगर निगम हल नहीं कर पा रहा है। सीएम ऑनलाइन पोर्टल पर भी निगम से जुड़ी समस्याएं रोज दर्ज हो रही हैं, लेकिन इनका निराकरण नहीं हो पा रहा है। दरअसल, निगम का आधे से ज्यादा स्टाफ को बुलाया नहीं जा रहा। जो स्टाफ आ रहे हैं, उसमें से अधिकतर की ड्यूटी कोरोना व्यवस्थाओं और वैक्सीनेशन से जुड़े कामों में लगा है। इस कारण शहरवासियों की इन समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
ये हैं शिकायतों की स्थिति
राजस्व 55
सफाई, स्वास्थ्य 251
पेयजल 621
सिविल 192
सीवरेज 449
अतिक्रमण 232
अस्थाई अति. 251
स्ट्रीट लाइट्स 118
आवारा पशु 06
आवारा श्वान 37
आवारा सूअर 11
उद्यान 31
पार्किंग 15
झील संरक्षण 02
यांत्रिकी योजना 29
बीआरटीएस 03
स्थापना-पेंशन 12
सामान्य प्रशासन 32
स्मार्ट सिटी 39
जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन 10
जन योजनाएं 297
&इसमें से अधिकतर शिकायतें ऐसी हैं, जो रोज आती हैं। हम उनका सयम-सीमा में निराकरण कर देते हैं। -संदीप सोनी,
अपर आयुक्त, नगर निगम

रमेश वैद्य Desk
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