कंपनी ने पेश की मानवता की मिसाल, 180 सीटर प्लेन पूरा बुक कर कर्मचारी का शव पहुंचाया घर

कोरोना संक्रमण काल में एक तरफ जहां कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं तो वहीं इसी बीच एक कंपनी ने मानवता की मिसाल पेश की है...

By: Shailendra Sharma

Published: 26 Aug 2020, 03:58 PM IST

इंदौर. एक तरफ जहां कंपनियां कोरोना के कारण मंदी की बात कहकर कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ एक कंपनी ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए दुनिया की सभी कंपनियों के सामने मिसाल पेश की की है। इस कंपनी ने अपने मैनेजिंग डायरेक्टर की मौत के बाद उनके परिवार की फिक्र करते हुए मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है जिसे जानकर आप भी कंपनी की तारीफ किए बगैर नहीं रहेंगे। कंपनी ने डायरेक्टर का शव उनके परिजन तक पहुंचाने के लिए पूरा का पूरा 180 सीटर प्लेन बुक कर दिया।

 

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Vesuvius कंपनी ने पेश की मिसाल
मैनेजिंग डायरेक्टर के शव को उनके परिजन तक पहुंचाने के लिए लाखों रुपए खर्च कर पूरा का पूरा प्लेन बुक करने वाली कंपनी का नाम Vesuvius है। कंपनी ने मैनेजिंग डायरेक्टर रितेश डूंगरवाल की मौत के बाद कंपनी ने डूंगरवाल के परिजन से किसी भी प्रकार के खर्च की बात तक नहीं की और पूरा का पूरा 180 सीटर प्लेन खुद ही बुक कर उनके शव को परिजन के पास कोलकाता से इंदौर भेजा। कंपनी के दो बड़े अधिकारी भी प्लेन से शव के साथ इंदौर पहुंचे और यहां पर दिवंगत डूंगरवाल का अंतिम संस्कार कराने के बाद तीन दिनों तक सभी कार्यक्रम संपन्न कराकर वापस लौटे। इतना ही नहीं ये भी जानकारी मिली है कि कोलकाता से जब शव को इंदौर लाने के लिए प्लेन नहीं मिला तो कंपनी ने दिल्ली से प्लेन को बुक किया और डूंगरवाल के शव को उनके घर तक पहुंचाया।

 

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करीब दो साल पहले कंपनी से जुड़े थे डूंगरवाल
इंदौर शहर के उषा नगर एक्सटेंशन में रहने वाले रितेश डूंगरवाल करीब दो साल पहले Vesuvius कंपनी से जुड़े थे वो कंपनी के कोलकाता दफ्तर में मैनेजिंग डायरेक्टर थे। 19 अगस्त को रितेश को कोलकाता स्थित घर पर ही दिल का दौरा पड़ा था और वो बाथरुम में गिर गए थे जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। जिस वक्त ये घटनाक्रम हुआ रितेश के साथ कोलकाता में उनके दो बच्चे और पत्नी थीं जो उनकी मौत के बाद गम में डूबे हुए थे। रितेश के परिजन ने बताया कि वो रितेश का अंतिम संस्कार इंदौर में करना चाहते थे लेकिन लॉकडाउन के कारण शव को कैसे लाएं इसके बारे में विचार कर रहे थे लेकिन कंपनी ने उनकी चिंता खत्म कर ऐसा काम किया जो उन्होंने सोचा भी नहीं था। परिजन ने बताया कि रितेश की मौत की खबर मिलने के बाद तुरंत कंपनी ने अपने 30 कर्मचारियों को परिवार के सहयोग के लिए घर भेज दिया था और फिर खुद ही पूरा प्लेन बुक कर उनके घर इंदौर तक पहुंचाया। कंपनी ने जो काम किया है उसके लिए रितेश के परिजन ने दिल से उन्हें धन्यवाद दिया और ये भी कहा है कि कोरोना काल में कंपनियां जहां कर्मचारियों को नौकरियों से निकाल रही हैं वहीं रितेश की मौत के बाद भी कंपनी ने लाखों रुपए खर्च कर उनके शव को घर तक पहुंचाया है जो सभी कंपनियों के लिए एक मिसाल है।

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