किसान आंदोलन को भड़का सकती है कांग्रेस, सरकार ने बनाई बड़ी रणनीति

किसान आंदोलन को भड़का सकती है कांग्रेस, सरकार ने भी बनाई बड़ी रणनीति

 

सरकार को है अंदेशा - पर्दे के पीछे रहकर आंदोलन को उग्र बनाने का प्रयास करेगी कांग्रेस

इंदौर . भारतीय किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने 1 जून से आंदोलन की घोषणा कर दी है। सरकार को अंदेशा है कि पर्दे के पीछे रहकर कांग्रेस आंदोलन उग्र बनाने की कोशिश करेगी। प्रशासनिक महकमे को सतर्क कर दिया गया है, जिसके चलते अफसरों का आज से बैठकों का दौर शुरू होने जा रहा है।

कहते हैं दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है। ठीक वैसे ही हाल सरकार के हो रहे हैं। एक बार फिर किसान आंदोलन की घोषणा हो गई है। ये घोषणा भारतीय किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मंजदूर संघ ने की है, जबकि पिछले साल आंदोलन करने वाली किसान सेना खामौश है। ये आंदोलन कर्ज माफी की मांग को आगे रखकर किया जा रहा है।

जब तक सीएम कर्ज माफी और फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने की घोषणा नहीं करते तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन शांतिपूर्वक होगा। न तो रैली निकालेंगे न ही धरना प्रदर्शन देंगे। किसान घर बैठकर आराम करेंगे। जिसे दूध, सब्जी, फल-फूल या अनाज चाहिए वो गांव आकर ले जा सकेगा। किसान दाम खुद तय करेंगे और कोई भी सामान सस्ता नहीं बेचा जाएगा।

दोनों संगठन भले ही शांतिपूर्वक आंदोलन होने की बात कर रहे हैं, लेकिन सरकार को उपद्रव का अंदेशा है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस पर्दे के पीछे रहकर आंदोलन को चलाने का प्रयास करेगी। पिछली बार भी ऐसा ही हुआ था। इंदौर में पूरा आंदोलन राऊ विधायक जीतू पटवारी के इर्द-गिर्द घूम रहा था। उनके समर्थकों ने ही मंडी में तोडफ़ोड़ की तो गाडिय़ों में आगजनी की घटना की।

इसको लेकर राजेंद्र नगर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था। आंदोलन को लेकर इस बार जिला प्रशासन अभी से सतर्क हो गया है। आज एडीएम अजय देव शर्मा व एसडीएम बिहारी सिंह ने चोइथराम सब्जी मंडी में किसान, व्यापारी व अन्य लोगों की बैठक बुलाई है। वे किसानों से सभी से अपील कर समझाइश देंगे कि आंदोलन को शांतिपूर्वक किया जाए। हरकत करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई भी करेगी।

यहां पड़ सकता है प्रभाव-पिछली बार किसान सेना का आंदोलन था जिसके कर्ताधर्ता बिजलपुर से जुड़े हुए थे। इस वजह से चोइथराम सब्जी मंडी वाले इलाके में खासा धमाल रहा। इस बार सेना न तो आंदोलन को समर्थन दे रही है न विरोध कर रही है। इसके बावजूद क्षेत्र को संवेदनशील माना जा रहा है। यहां पर विधायक पटवारी के समर्थक बवाल कर सकते हैं जिन पर पूरी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा सांवेर व देपालपुर के इलाकों में हगामा हो सकता है, क्योंकि यूनियन से जुड़े हुए किसान इन क्षेत्रों में हैं।

भड़काऊ नेताओं की सूची तैयार
मध्यप्रदेश की खुफिया पुलिस ने अपने आला अधिकारियों को एक रिपोर्ट पेश की है, जिसमें किसान आंदोलन में हिंसा होने का अंदेशा जताया गया। मानना है कि पिछली बार भी आंदोलन में मंदसौर गोलीकांड हो गया था। कांग्रेस बरसी पर आंदोलन करके उसे हवा देने का प्रयास कर रही है जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे। रिपोर्ट के बाद पूरे प्रदेश में पुलिस को अलर्ट कर दिया है।

संवेदनशील स्थानों पर सावधानी बरतने को कहा गया है। इंदौर डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्रा ने भी रणनीति बनाई है। मिश्रा के मुताबिक पिछले साल किसान आंदोलन में इंदौर में कोई बड़ी घटना नहीं हुई थी, लेकिन यह कहना भी गलत नहीं होगा कि कुछ नहीं हुआ था। इस बार हम आंदोलन को लेकर गांवों की हलचल पर नजर रखे हुए हैं। एक सूची भी तैयार की जा रही है जिसमें आंदोलन को उग्र बनाने वालों के नाम हैं।

अर्जुन रिछारिया Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned