कलेक्टर न्यायालय में केक काटकर कांग्रेस नेता ने मनाया जन्मदिन, चुपचाप तमाशा देखते रहे अफसर

कलेक्टर न्यायालय में केक काटकर कांग्रेस नेता ने मनाया जन्मदिन, चुपचाप तमाशा देखते रहे अफसर

Hussain Ali | Updated: 26 Jun 2019, 03:20:16 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

इसके बावजूद प्रशासन के अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं के बजाय अज्ञात पर प्रकरण दर्ज करवाकर इतिश्री कर ली।

इंदौर. सत्ता के आगे अधिकारी नतमस्तक हो जाते हैं। इसका ताजा उदाहरण कल शहर में देखने को मिला। दरअसल जिला योजना समिति की बैठक के दौरान कलेक्टर न्यायालय में एक कांग्रेसी नेता का जन्मदिन मनाया गया। बाकायदा केक कटा और नेताजी को फूलमालाएं पहनाकर बधाइयां दी गई। इस बीच तमाम जिम्मेदार तमाशबीन बने रहे। पूरे घटनाक्रम के वीडियो और फोटो मौजूद हैं, इसके बावजूद प्रशासन के अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं के बजाय अज्ञात पर प्रकरण दर्ज करवाकर इतिश्री कर ली।

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कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मंगलवार को जियोस की बैठक चल रही थी। इसमें प्रभारी मंत्री बाला बच्चन, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला व विशाल पटेल के अलावा कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बैठक कक्ष के बाहर मौजूद थे। शाम 4 बजे कार्यकर्ताओं को शहर कांग्रेस महामंत्री शेख अलीम के जन्मदिन का पता चला तो तत्काल हार और केक बुलाया गया।

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कलेक्टर न्यायालय कक्ष में उन्हें माला पहनाई, केक काटकर बधाई दी और एक-दूसरे को केक भी खिलाया। इस दौरान कांग्रेस नेता मोहन सेंगर, चंदू कुंजीर, गृहमंत्री के पीए प्रवीण नीखरा भी मौजूद थे। करीब एक घंटे तक जन्मदिन का जश्न चला। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी, बाबू मूकदर्शक बने रहे। जब विरोध हुआ और कलेक्टर के पास मामला पहुंचा तो वे बोले फोटो-वीडियो के आधार पर प्रकरण दर्ज करवाएंगे।

अज्ञातों के खिलाफ ही दिया गया आवेदन

इसके बाद सहायक वर्ग 2 के पद पर आसीन अधिकारी संतोष तिवारी ने रावजी बाजार थाने पर आवेदन दिया। इसमें कहा गया कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कलेक्टर कार्यालय न्यायालय कक्ष में टेबल पर किसी अज्ञात व्यक्ति का जन्मदिन मनाते हुए केक काटा गया, जिससे शासकीय कार्य में बाधा व क्षोभ उत्पन्न हुआ।

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इसके वीडियो भी हैं, जबकि वहां मौजूद सभी अधिकारी और बाबू नेताओं को जानते थे, लेकिन नेताओं को बचाने के लिए पूरी कवायद की गई। विरोध के बाद एफआईआर तो करवा दी गई, लेकिन नाम दर्ज न करवाने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उधर पुलिस अधिकारी भी विवेचना में आरोपितों के नाम सामने आने की बात कह रहे हैं।

- मैं बैठक में था। मुझे इस संबंध में जानकारी, फोटोग्राफ्स मिले हैं। संबंधित पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
लोकेश जाटव, कलेक्टर

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