संक्रमण के डर से सडक़ पर ट्रक छोडक़र चले गए अपने ‘घर’

शहर के ऑपरेटरों के वाहन भी बाहर फंसे : 300 के करीब ट्रक शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में खड़े

By: रमेश वैद्य

Published: 23 May 2021, 02:54 AM IST

इंदौर. कोरोना संक्रमण के चलते हर किसी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ऐसा ही कुछ खामियाजा ट्रक ऑपरेटर भी भुगत रहे हैं। कोरोना कफ्र्यू और संक्रमण फैलाव के कारण बाहर से ट्रक लेकर शहर आए कई ड्राइवर गाड़ी छोडक़र चले गए हैं। ऐसी ही स्थिति बाहरी प्रदेशों में शहर से गए ट्रकों की भी हैं। शहर से बाहर गए ट्रक वहीं फंसे हुए हैं।
शहर में करीब ३०० ट्रक लावारिस हालात में बायपास, रिंगरोड और अन्य जगहों पर खड़े हुए हैंं। बीच सफर में परिजन के संक्रमित होने या संक्रमण के डर के चलते ड्रायवर और क्लीनर गाड़ी छोडक़र स्थानीय ऑपरेटरों के हवाले कर गए हैं। इतनी ही संख्या शहर से बाहर गए ट्रकों की अन्य राज्यों में भी हैं। बाहर और स्थानीय ऑपरेटर एक दूसरे से संपर्क कर ट्रक संभालने का आग्रह कर रहे हैं। कुछ ट्रकों में कच्चा माल भी हैं, जो खराब हो रहा है। साथ ई-वे बिल की मियाद भी खत्म होने पर परेशानी उठानी पड़ेगी।
ट्रक व्यवसाय को राहत दे सरकार : मुकाती
इंदौर ट्रक एंड ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सीएल मुकाती ने बताया कि पहले से ही ट्रक व्यवसाय मंदी में चल रहा है अब ड्रायवरों के ट्रक छोडक़र पलायन करने से और भी मुसीबत हो रही है। इस मामले में सरकार का रूख लापरवाही का है। ड्रायवर और क्लीनर एक राज्य से दूसरे राज्य आते-जाते हैं, जिससे कि उनके संक्रमित होने की संभावना ज्यादा होती है। साथ ही इनसे संक्रमण फैलने का भी अंदेशा होता है। ऐसे में इनके वैक्सीनेशन पर जोर दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। मुकाती ने बताया कि ट्रक व्यवसाय को राहत देने के लिए सरकार को रोड टैक्स, टोल माफी के साथ ही राहत पैकेज देना चाहिए ताकि हमारे नुकसान की भरपाइ हो सके।

रमेश वैद्य Desk
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