Corona Virus: मंडी अफसरों की हरकत से उलझी सब्जी सप्लाय

व्यापारियों को छोड़कर खुद करने लगे जुगाड़, डिलिवरी करने वालों से किया सीधा संपर्क, नाराज हुए व्यापारी

By: Mohit Panchal

Updated: 18 Apr 2020, 11:27 AM IST

इंदौर। कमिश्नर-कलेक्टर चाहते हैं कि किराना सामान की तरह आम आदमी की थाली में सब्जी भी पहुंच जाए। उनके अरमान पर मंडी अफसर पानी फेर रहे हैं। पहले तो व्यापारियों से डिलिवरी करने वालों की सूची ले ली और अब खुद फोन लगाकर साथ में काम करने का बोल रहे हैं। जानकारी लगने पर व्यापारी भड़क गए, जिनको देख डिलिवरी करने वालों ने भी हाथ खड़े करना शुरू कर दिए।

एक पखवाड़े से अधिक हो गया, कोरोना के कफ्र्यू में लोगों की थाली से सब्जी गायब है। इसको लेकर कमिश्नर आकाश त्रिपाठी व कलेक्टर मनीष सिंह चाहते हैं कि जैसे नगर निगम ने किराना सामान की व्यवस्था जुटाई, वैसे ही सब्जी का काम हो जाए। इसको लेकर १२ अप्रैल को मंडी के एमडी महेंद्र दीक्षित व मंडी प्रभारी पर्वतसिंह सिसौदिया को फोन करके निगमायुक्त के साथ बैठक कराई।

सभी व्यापारियों ने ८५ वार्ड में माल सप्लाय का प्लान दे दिया। बिग बास्केट की कीमत १५० से १७० रुपए दी गई। १५ अप्रैल को कमिश्नर ने भी समझकर लागू करने पर हरी झंडी दे दी। उसके अगले दिन दीक्षित ने सभी व्यापारियों को फोन लगाकर लोडिंग गाड़ी वाले व डिलिवरी करने वालों के नाम व नंबरों की सूची मांगी, जिसको लेने के बाद व्यापारियों को अलग-थलग कर दिया गया।

दीक्षित ने सीधे गाड़ी वाले व डिलिवरी वालों को फोन लगाना शुरू कर दिए। कहना था कि हमारे साथ काम करो। तुम राऊ आ जाना, हम तुम्हें सब्जी देंगे जिसको बेचना है। प्रति बास्केट १० रुपए देने को कहा जा रहा है। अधिकतर ने तो तुरंत ही मना कर दिया कि वे व्यापारियों के साथ ही काम करेंगे, क्योंकि दिन-रात का काम है। यहां तक कि उन्होंने फोन लगाकर व्यापारियों को भी बता दिया। इस पर एसोसिएशन भी भड़क गई, जिसने अब काम करने से इनकार कर दिया।

खुद करना चाहते हैं धंधा

व्यापारियों का आरोप है कि मंडी के कुछ अफसर महामारी का फायदा उठाकर धंधा करना चाहते हैं। उनकी नीयत आम आदमी तक सब्जी पहुंचाने की नहीं, बल्कि मुनाफाखोरी की है, इसलिए व्यापारियों से काम कराने की बजाय खुद सारी डिलिवरी करना चाहते हैं। व्यापारी तो अब कमिश्नर व कलेक्टर से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।

एक जगह इकट्ठा होंगे ५०० लोग

सब्जी की सप्लाय करने के लिए सेंटर बनाया जाएगा तो उस पर रोज भीड़ इकट्ठा होगी। १०० वाहनों के ड्राइवर, उतने ही डिलिवरी बॉय और पैकिंग करने वाले १०० से १५० लोग। इसके अलावा १५० लोग तुलाई से लेकर ढुलाई तक में लगेंगे। कहीं ये फैसला जोखिम भरा ना हो जाए।

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Mohit Panchal Reporting
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