COVID-19 : कोरोना टेस्ट के बाद अस्पताल से फिर भाग निकला मरीज

निगम ने इलाके को कराया सेनिटाइज

By: KRISHNAKANT SHUKLA

Published: 25 Apr 2020, 10:57 AM IST

इंदौर : कोरोनावायरस को लेकर स्थिति भयावह होती जा रही है। हर दिन इंदौर में संक्रमितों और कोरोन से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही। स्थिति यह है कि जिन लोगों को कोरोना इलाज के लिए भर्ती किया जा रहा है वो भी भाग रहें हैं। हालांकि इस बार पुलिस टीम की मदद से एमवाय अस्पताल से फरार कोरोना टेस्ट के बाद मरीज को घेराबंदी कर पकड़ लिया है।

पता गलत लिखवाया था, पकड़े जाने पर नाम भी गलत बताया

एमवाय अस्पताल में कोरोना का संभावित मरीज को पुलिस ने पकड़कर अस्पताल में भर्ती कराया। विजय बड़गुर्जर 20 को तेज बुखार आने पर गुरुवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसमें कोरोना के संभावित लक्षण नजर आने पर टेस्ट भी हुआ था। इसके बाद इलाज के लिए एमआरटीबी अस्पताल भेजा जाना था। इस बीच वह भाग निकला।

पुलिस ने घेर कर पकड़ा

अस्पताल वालों ने सीएसपी पूर्ति तिवारी को जानकारी दी। इस पर पुलिस ने तलाश शुरू कर दी विजय ने अपना पता बस स्टैंड के पास लिखवाया था। छोटी ग्वालटोली पुलिस को पता चला, बस स्टैंड के पास वह सड़क पर सो रहा है। टीआई टीवीएस नागर अपनी टीम के साथ पहुंचे और चारों तरफ से स्टाफ व गाड़ियों से घेराबंदी की गई। उससे बात की तो वह अपना नाम गलत बताने लगा। बाद में कहा उसे सिर्फ बुखार है। जबरन अस्पताल में भर्ती कराने पर वह भाग निकला। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद इलाके को नगर निगम की मदद से सेनिटाइज करवाया गया।

कोरोना छिपाने पर दर्ज होगा केस

इसके पहले जबलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से भागे कोरोना वायरस पॉजिटिव बंदी जावेद खान को भी पुलिस ने अगले दिन पकड़ लिया था। कोरोना संक्रमितों मरीजों के अस्पताल से भागने अब तक कई मामले आ चुके हैं। हालांकि इंदोर कलेक्टर मनीष सिंह ने कोरोना से लड़ने के लिए सभी से मदद की अपील की है। उधर, सरकार ने कोरोना के इलाज में लापरवाही करने वालें मरीज को कोरोना छिपाने के मामले में जेल और सजा का आदेश दिया है।

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