सावधान! रिश्ते में अगर भरोसा टूटा तो दोबारा इसे हासिल करना बहुत मुश्किल

INDORE NEWS : क्रिएट स्टोरीज सोशल वेलफेयर सोसायटी के आयोजन में ‘साइंस ऑफ लव’ पर साइकेट्रिस्ट डॉ. पवन राठी ने दिए अच्छे रिश्ते बनाए रखने के फंडे

इंदौर. प्यार को परिभाषित करना बहुत कठिन है, क्योंकि सबके लिए इसके अर्थ अनेक हैं और परिभाषाएं अलग-अलग हैं। अमरीकी साइकेट्रिस्ट रोबर्ट स्टर्नबर्ग के मुताबिक इंटिमेसी, कमिटमेंट और पैशन का बैलेंस ही प्योर लव को जन्म देता है। विश्वास यानी भरोसा किसी भी रिश्ते की नींव होता है। भले ही वह प्यार का रिश्ता हो या दोस्ती का। अपने रिश्तों में विश्वास बनाएं रखें और खुद भी कोई ऐसा काम न करें जो साथी का विश्वास तोड़ दे। एक बार विश्वास टूटने पर भरोसा हासिल करना बेहद जटिल होता है। यह बात गुरुवार को क्रिएट स्टोरीज सोशल वेलफेयर सोसायटी की ओर से आयोजित वेबिनार ‘साइंस ऑफ लव’ में साइकेट्रिस्ट डॉ. पवन राठी ने कही। उन्होंने कहा, हम प्यार उनमें खोजते हैं जिनके एटीट्यूड, पसंद, नापसंद या इमोशनल बिहेवियर हमारे जैसा है, बहुत कम लोग होते हैं जो अपोजिट चीजों से आकर्षित होते हैं। प्यार के साथ रिश्ते में सम्मान भी बेहद आवश्यक है। हो सकता है आपका साथी आपसे बहुत प्यार करता हो और वह आपकी कुछ बुरी आदतों को सह भी लेता हो, लेकिन अगर आप बार-बार उसके आत्मसम्मान पर हमला करेंगे तो यह पलट कर भी आ सकता है, जो रिश्ते के लिए घातक साबित होगा।
रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए कुछ टिप्स
-अगर आपके रिश्ते में भरोसा नहीं है तो यह लंबे समय तक नहीं टिक सकता है। प्रयास करें कि अपने साथी का भरोसा न तोड़ें।
- अपने साथी के प्रति ईमानदारी से रिश्ता निभाएं।
- - अपने साथी को उनकी तरह से जीने और रहने की आजादी दें और उनकी पसंद-नापसंद में ज्यादा रोकटोक न करें।
- अगर आप चाहते हैं कि आपका साथी वफादार रहे तो उसके लिए आपको खुद वफादार बने रहना होगा।
- जो आपका साथ मुसीबत में दे उसका साथ कभी नहीं छोडऩा चाहिए तो बस किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाने वाली चीज है हर हालात में साथ बने रहना।

सावधान! रिश्ते में अगर भरोसा टूटा तो दोबारा इसे हासिल करना बहुत मुश्किल

ये हैं ब्रेकअप की स्टेज
- इनकार करना यानी जब आप स्वीकार नहीं कर पा रहे होते कि रिलेशनशिप ठीक ही चल रहा, लेकिन आप किसी से इस बारे में बात नहीं करना चाहते।
- एंगर या गुस्सा यानी जब आपको लगता है ब्रेकअप हो रहा है और आप पावरलेस फील करते है, और पावर लूज करने से आप में एंगर आता है जिससे आप गुस्सा करते है यानी इंटरनल डैमेज आप गुस्से से निकलना चाहते हैं।
- बार्गेनिंग यानी जब आपको लगता हो कि आप इस रिश्ते को ठीक कर सकते हैं या कुछ और बदलाव पार्टनर में या खुद में करने की सोचें। रिश्ते को बचाने के लिए यह बार्गेनिंग का स्टेप है, जहां आपको लग सकता है चीजें ठीक हो सकती हैं या कुछ महीनों बाद पार्टनर वापस आ जाएगा, ऐसे विचार चलते रहते हैं।
- डिप्रेशन यानी जब आप स्वीकार कर लेते हैं कि चीजें ठीक नहीं हो सकती फिर आप डिप्रेशन में जाते हैं, जिसमें आपको कुछ भी अच्छा नहीं लगेगा।
- एक्सेप्टेंस यानी एक्सेप्टिंग फाइनल स्टेज होती है। आप स्वीकार लेते हैं, ये रिश्ता अब खत्म हो चुका है और मूवऑन करते हैं और यह सबसे हेल्दी तरीका है।

राजेश मिश्रा
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