नाबालिग लड़की को कोर्ट से जबरदस्ती ले जा रहे थे घर, जोर से चिल्लाई तो पुलिसवालों ने बचाया

नाबालिग लड़की को कोर्ट से जबरदस्ती ले जा रहे थे घर, जोर से चिल्लाई तो पुलिसवालों ने बचाया

धार. बेटमा क्षेत्र में एक युवक के साथ घर से भागी लड़की से जब भाई मिलने पहुंचा और घर लौटने को कहा तो उसने साफ इनकार कर दिया।

कहा कि मर जाऊंगी, लेकिन घर नहीं आऊंगी, मेरे लिए सब मर चुके हैं। कोर्ट परिसर में देर तक हंगामा हुआ। युवक-युवती को एसपी के पास ले जाया गया तो दोनों ने बालिग होने के दस्तावेज एसपी को सौंपे और बयान दिए।

दरअसल, बेटमा थाना क्षेत्र के रामबड़ोदिया गांव से एक युवती, युवक धर्मेंद्र राज पिता कालू सिंह दांगी के साथ मंगलवार रात करीब 11.30 बजे भाग निकली। रात दोनों युवक-युवती धार स्थित युवक के भाई अर्जुन के घर रूके और बुधवार को दोनों कोर्ट जा पहुंचे।

खबर लगते ही युवती के परिजन कोर्ट परिसर में आ धमके और उसे जबरन घर ले जाने लगे। चीखने, चिल्लाने की अवाज सुनकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य लोगों ने युवक-युवती को एसपी ऑफिस पहुंचाया, जहां दोनों के बयान हुए।

खबर लगते ही एसपी ऑफिस में दोनों पक्ष एकत्रित हो गए थे। युवती के परिजन दूर से इशारा कर दोनों पर दबाव बना रहे थे। मामला इंदौर जिले का होने के कारण पुलिस की कड़ी सुरक्षा में दोनों को इंदौर भेजा गया।

परिजन ने कहा, नाबालिग है
युवती के परिजन (मामा, भाई और पिता) बता रहे हैं कि लड़की अभी नाबालिग है, जबकि युवती अपने साथ लाई दस्तावेज के आधार पर खुद को बालिग बता रही है। शपथ-पत्र के लिए प्रस्तुत किए गए युवती के दस्तावेज के आधार पर उसका जन्म 22 मार्च 2000 को हुआ, जिस लिहाज से वह 18 वर्ष 3 माह की होकर बालिग हो चुकी है।

इधर, युवक ने भी दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर वह भी बालिग है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी बीके सिंह ने युवक-युवती को अपने कक्ष में बैठाकर दोनों के बयान लिए। इसके बाद एएसपी सचिन शर्मा (आइपीएस) ने इंदौर जिले के पश्चिम क्षेत्र एसपी से फोन पर चर्चा कर दोनों को कड़ी पुलिस सुरक्षा में इंदौर भेज दिया।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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