इस एसपी ने दिए हथियारों के अवैध लाइसेंस, कई लोगों को किया ब्लैकमेल

फर्जी आर्म्स लाइसेंस, पुणे के बार में गोली चला चुका है प्रदीप

इंदौर. फर्जी आर्म्स लाइसेंस बनाने वाला मास्टरमाइंड प्रदीप पुणे के रेस्टोरेंट में गोली चला चुका है। घटना के बाद से वह फरार है। इंदौर में आकर उसने ट्रांसपोर्ट में काम शुरू किया और फिर हथियार के फर्जी लाइसेंस बनाने लगा। पुलिस टीम नागालैंड के दीनापुर गई है, जहां से जारी लाइसेंस को लेकर जानकारी लेगी।

एएसपी क्राइम अमरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फर्जी आम्र्स लाइसेंस मामले में संदीप सोनगरा (23) निवासी सुखलिया गांव, अमन उर्फ अमरदीप सिंह खैरा (26) निवासी अंबिकापुरी, राजेश कुमार सिंह बैस (39) निवासी स्कीम 78, नवल किशोर गर्ग (45) निवासी स्कीम 117, जगदीश चौधरी (59) निवासी निरंजनपुर को पकड़ा है। उन्हें कोर्ट में पेश कर तीन दिन का रिमांड लिया है। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि मास्टर माइंड प्रदीप ने उनसे दो फोटो, आईडी कार्ड लिया व एक फार्म पर साइन करवाई। इसके एक माह बाद उन्हें लाइसेंस दे दिया। न तो वैरीफिकेशन हुआ और न ही कोई नागालैंड गया।

10 लाख तक वसूले : प्रदीप को आरोपित पुलिसकर्मी समझते थे, इसलिए उन्हें कोई शक नहीं हुआ। जांच में आया है कि प्रदीप ने लाइसेंस के नाम पर दस लाख रुपए तक वसूले है। प्रदीप के संपर्क में ट्रांसपोर्टर, नेता, प्रॉपर्टी ब्रोकर व कई व्यवसायी रहे है। एएसपी ने बताया, प्रदीप मूलत: हरियाणा का रहने वाला है। इंदौर में आने के बाद सिंगापुर टाउनशिप में रहने लगा। पहले ट्रांसपोर्ट में काम करता था। बाद में उसने सांवेर रोड पर स्क्रैप का काम शुरू कर लिया। जल्द पैसा कमाने के लिए कर करने लगा।

रिटायर्ड सीएसपी के बेटे की तलाश : अमन के बारे में पता चला कि वह कुछ समय पहले लसूडिय़ा थाने की मोबाइल चलाता था। जांच में पुलिस को अब तक २४ लोगो की जानकारी मिली है, जिन्होंने फर्जी लाइसेंस बनवाए हैं। इनमें पुलिस को रिटायर्ड सीएसपी के बेटे अभिषेक तिवारी निवासी स्कीम ७८ व साकेत निवासी शैलेंद्र शारदा की भी तलाश है।

कलेक्टोरेट पहुंची क्राइम ब्रांच टीम: आरोपित से जब्त लाइसेंस की जानकारी लेने के लिए क्राइम ब्रांच की एक टीम सोमवार को कलेक्टोरेट पहुंची। जब्त लाइसेंस वहां पर रजिस्टर्ड नहीं मिले हैं।

गृह मंत्रालय की लेंगे मदद : पुलिस नागालैंड, जम्मू-कश्मीर व अन्य जगहों से जारी हुए लाइसेंस की जानकारी ले रही हैं। पुलिस अब केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी पूरे मामले की जानकारी भेजकर जांच में मदद लेगी।

जमानत अर्जी खारिज
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नागालैंड के बंदूक लाइसेंस बनाने वाले पांच आरोपियों की जमानत अर्जी सोमवार को जिला कोर्ट में खारिज कर दी है। हाल ही में क्राइम ब्रांच की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर राजेश पिता रवींद्र कुंवर, नवलकिशोर पिता चितरमल गर्ग, जगदीश पिता अम्बाराम चौधरी, संदीप सोनगरा और अमन उर्फ अमरजीत सिंह को गिरफ्तार किया।

पांचों पर आरोप है, यह नागालैंड से बंदूक का फर्जी लाइसेंस बिना नागालैंड जाए दस्तावेज देकर लाइसेंस बनवाते हैं। इन्होंने खुद के अलावा कई लोगों के ऐसे लाइसेंस बनवाए हैं। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी धर्मेंद्र टाडा की कोर्ट में सहायक लोक अभियोजक हेमंत राठौर ने जमानत अर्जी पर विरोध किया। कोर्ट ने सहमत होकर अर्जी खारिज कर दी है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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