दुष्कर्मी और हत्यारे सौतेले पिता दोहरा मृत्युदंड

जावरा जिले में जघन्यतम केस में 8 महीने में सुनाया फैसला
6 वर्ष की बेटी को बनाया था शिकार, मां की गवाही के बाद केस को मिला था बल

 

By: लवीं ओव्हल

Published: 18 Dec 2018, 04:16 AM IST

जावरा. छह वर्षीय मासूम से बलात्कार के बाद उसकी हत्या के मामले में कोर्ट ने सौतेले पिता को दोषी मानकर दोहरे मृत्युदंड की सजा सुनाई है। जिले में पहला मामला है द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ओपी बोहरा ने जघन्यतम मानते हुए दोषी वारिस खां (४२) निवासी कुशलगढ़ को दोहरा मृत्युदंड के साथ 15 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। सजा दिलाने में बच्ची की मां की गवाही अहम रही।
जनाजा रोककर पुलिस ने की थी जांच : उपसंचालक लोक अभियोजक एसके जैन ने बताया, २३ अप्रैल २०१८ को सौतेले पिता वारिस खां ने ६ वर्षीय बेटी के साथ रेप तथा हत्या कर दी थी। इसी दिन शाम को मेवातीपुरा क्षेत्र में जनाजा निकाला जा रहा था, ऐनवक्त पर पुलिस पहुंची और जनाजे को रोककर बच्ची के मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पीएम कराया। डॉ. अतुल मंडवारिया, डॉ. सीपी राठौर तथा डॉ. अजयसिंह राठौर के पैनल ने पीएम की प्राथमिक रिपोर्ट में बच्ची से दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर मारने का खुलासा किया। इस पर पुलिस ने बच्ची के सौतेले पिता वारिस खां पर भादवि की धारा ३७६ एबी, ३०२ के तहत केस दर्ज किया। तत्कालीन एसपी अमितसिंह ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में चालान पेश किया था। न्यायालय ने इस पर महज 8 महीने बाद फांसी की सजा सुनाई है।

पीटता था सौतेला पिता
बच्ची की मां ने पुलिस को बताया था कि दो दिन पहले बच्ची ने पेट दर्द की शिकायत की थी। घटना वाले दिन जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सौतेला पिता उसे पीटता था और गंदी नजर रखता था। बच्ची की मां ने घटना के आठ महीने पहले दूसरी शादी की थी। मां ने बताया कि वह अपने पति से इतना डर गई थी कि बच्ची का शव मायके में दफनाने का फैसला किया।

लवीं ओव्हल
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