सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की तब पुलिस ने दर्ज किए केस

पुलिस का रवैया : साइबर ठगी के शिकार हो रहे परेशान

इंदौर. साइबर अपराध के मामलों में पुलिस और साइबर सेल केस दर्ज करने में अकसर आनाकान करती है। ऐसे में पीडि़त को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पीडि़त थानों के चक्कर ही लगाता रहता है और विभाग उसे टालता रहता है। हाल ही में सालभर बाद केस दर्ज होने के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें पडि़त की शिकायत के बाद भी पुलिस ने मामले में संज्ञान नहीं लिया है।

पुलिस द्वारा केस दर्ज न करने पर जब फरियादी पक्ष ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की तो मामला सामने आया कि पुलिस अकसर केस वापस लेने का भी दबाव बनाती है, लेकिन ऐसे मामलों में जब पीडि़त हार नहीं मानते हैं और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद दबाव आता है तो पुलिस को केस दर्ज करना ही पड़ता है।

इ-वॉलेट कंपनी कर्मचारी बनकर की ठगी
बाणगंगा थाना क्षेत्र में रजनीश विश्वकर्मा मशीन बनाने वाली कंपनी में काम करते हैं। उनके बेटे रवि ने एक इ-वॉलेट बना रखा है। इसमें उसने बैंक खाते से एक हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। उन्होंने इस पैसे को वापस बैंक खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश की, लेकिन इसमें वे सफल नहीं हुए।

२३ दिसंबर २०१७ को उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने इ-वॉलेट कंपनी का कर्मचारी बताते हुए रवि से परेशानी पूछते हुए उनके पिता के एटीएम की पूरी जानकारी ले ली और २० हजार रुपए निकाल लिए। एक महीने तक पुलिस के चक्कर लगाने के बाद उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की तब जाकर पुलिस ने केस दर्ज किया।

सेवानिवृत्त प्राचार्य से रुपए ऐंठे, रिपोर्ट नहीं हुई तो पीएम को लिखा पत्र, अंतत: सीएम हेल्पलाइन में की शिकायत
वंदनानगर निवासी सेवानिवृत्त प्राचार्य दयानंद मिश्रा को २८ अगस्त २०१७ की दोपहर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एसबीआई पत्रकार कॉलोनी ब्रांच का सहायक प्रबंधक बताया और कहा, उनका एटीएम कार्ड बंद होने वाला है। कार्ड को चालू रखने के लिए उन्हें उसका नंबर बताना होगा।

फोन करने वाले ने बरगलाया कि वह बैंक से ही बोल रहा है। उसकी बातों में आकर दयानंद मिश्रा ने एटीएम का नंबर व सीवीसी नंबर बता दिया। इसके तुरंत बाद खाते में मौजूद १० हजार रुपए निकल गए। जब कई चक्कर लगाने के बाद पुलिस व साइबर सेल ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की, तब उन्होंने पीएम को पत्र लिखा। लेकिन इसका भी कोई नतीजा नहीं निकला। फिर उन्होंने सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत की, तब जाकर तिलक नगर पुलिस ने केस दर्ज किया।

 

अर्जुन रिछारिया Incharge
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