प्रतियोगी परीक्षा के साथ पीजी की पढाई कर रहे कई उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ी

जून में एमपी पीएससी और यूपीएससी, इसी महीने लॉ की भी परीक्षा

By: रमेश वैद्य

Published: 03 Apr 2021, 07:24 PM IST

इंदौर. कोविड-19 को भले ही एक साल से ज्यादा हो चुका हो मगर, इस दौरान नियमित पढ़ाई से लेकर प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाएं तक बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। मप्र लोक सेवा आयोग ने कोविड के कारण ही इस महीने होने वाली राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा आगे बढ़ाई है। इससे उनके सामने मुश्किल खड़ी नजर आ रही है जो प्रतियोगी परीक्षा के साथ यूनिवर्सिटी से नियमित पढ़ाई कर रहे हंै।
कोरोना के बीच एमपी पीएससी की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा कराने को लेकर भारी विरोध हुआ। इस परीक्षा में करीब ३ लाख ४४ हजार आवेदक हिस्सा लेने वाले थे। महीने भर से अचानक बढ़ रहे संक्रमण के मामले के बीच इतने आवेदकों की परीक्षा कराना बड़ी चुनौती रहता। आवेदकों की मांग पर विचार करते हुए पीएससी ने ये परीक्षा अब २० जून को प्रस्तावित की है। इसके अगले ही सप्ताह यूपीएससी की भी परीक्षा है। कई आवेदकों ने इन दोनों के लिए दावेदारी की है।
पीजी वालों की होगी मुश्किल
जिन्होंने सिर्फ एमपी पीएससी, यूपीएससी या फिर दोनों के फॉर्म भरे हैं, उन्हें जून में कोई दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन अलग-अलग यूनिवर्सिटी से पीजी कोर्स करने वालों के सामने ये परीक्षा आगे बढऩे से संकट आ गया है। दरअसल, नियमित कोर्स की परीक्षाएं आगे बढ़ाने की मांग पर भी छात्रों व छात्र नेताओं ने बड़े आंदोलन किए थे। इसके बाद शासन ने ये परीक्षाएं भी जून में प्रस्तावित कर दी हैं। जुलाई से नया सत्र शुरू करने के लिए कोशिश रहेगी कि जून के तीसरे सप्ताह तक ये परीक्षाएं होंगी। ऐसे में पीजी कोर्स करने वालों को ये परीक्षा छोडऩा पड़ सकती है।

मई-जून में ही हो सकेगी
1 अप्रैल से शुरू होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हंै। यूजी में फाइनल ईयर और पीजी में चौथे सेमेस्टर की परीक्षा भौतिक रूप से होगी। ये मई-जून में ही हो सकेगी।
प्रो.अशेष तिवारी, परीक्षा नियंत्रक, डीएवीवी

रमेश वैद्य Desk
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