यूनिवर्सिटी ने परीक्षा केंद्रों से मांगा डेढ़ लाख कोरी कॉपियों का हिसाब

Arjun Richhariya

Publish: Sep, 17 2017 07:43:54 (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
यूनिवर्सिटी ने परीक्षा केंद्रों से मांगा डेढ़ लाख कोरी कॉपियों का हिसाब

कॉपी खरीदी से इंकार के बाद ली सुध, आगामी परीक्षा के लिए पर्याप्त कॉपी होने का अनुमान

इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी ने आगामी परीक्षाओं से पहले केंद्रों से पिछली परीक्षाओं की बची कॉपियों का रिकॉर्ड तलब किया है। यूनिवर्सिटी को उम्मीद है कि करीब डेढ़ लाख कॉपियां केंद्रों पर सुरक्षित हैं। जिन कॉलेजों को अब केंद्र नहीं बनाया जा रहा है उनसे कोरी कॉपियां बुलाई जाएंगी। इसके लिए ग्रीन यूनिवर्सिटी पॉलिसी को कारण बताया जा रहा है।

हाल ही में यूनिवर्सिटी ने बनी-बनाई कॉपियां खरीदने के लिए विचार किया था। इसके लिए कमेटी भी बनाई गई, लेकिन कमेटी ने पुरानी प्रक्रिया ही जारी रखने की अनुशंसा की। इस बीच पिछली परीक्षाओं में इस्तेमाल हुई कॉपियों और केंद्रों को भेजी कॉपियों का रिकॉर्ड देखा तो दोनों में भारी अंतर नजर आया। परीक्षा के लिए यूनिवर्सिटी छात्र संख्या के मान से अधिक कॉपियां केंद्रों को भिजवाती है। परीक्षा के बाद बची कोरी कॉपियों का इस्तेमाल अगली परीक्षा में कराने का प्रावधान है, लेकिन केंद्रों ने इन कॉपियों की जानकारी नहीं भेजी और यूनिवर्सिटी हर बार ज्यादा कॉपियां भेजती रही। कॉपी खरीदी का प्रस्ताव नामंजूर होने पर यूनिवर्सिटी ने अब कोरी कॉपियों को बुलाकर इस्तेमाल करने का मन बनाया है। हर केंद्र से उनके पास शेष बची कॉपियों का रिकॉर्ड मांगा जा रहा है।

 

इस साल कम लगेंगी ४ लाख कॉपियां

पिछले वर्ष तक यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं में करीब २५ लाख कॉपियां इस्तेमाल होती रही हैं। इसी सत्र से बीए, बीकॉम व बीएससी सहित फस्र्ट ईयर के कुछ अन्य कोर्सेस में सेमेस्टर प्रक्रिया खत्म कर वार्षिक प्रणाली लागू हो चुकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में इस साल करीब ४ लाख कॉपियां कम लगेंगी। यूनिवर्सिटी की कोशिश है कि आगामी सेमेस्टर की परीक्षाएं केंद्रों पर उपलब्ध कॉपियों से ही निपटा दी जाएं। रजिस्ट्रार अजय वर्मा ने बताया, डीएवीवी में ग्रीन यूनिवर्सिटी पॉलिसी लागू है। हर स्तर पर पर्यावरण सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रों पर पहले से मौजूद परीक्षा की कॉपियों के इस्तेमाल से यूनिवर्सिटी को आर्थिक फायदा भी होगा।

 

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