एक सप्ताह पहले सीईटी कराने के लिए एजेंसी को मना रही यूनिवर्सिटी

एक सप्ताह पहले सीईटी कराने के लिए एजेंसी को मना रही यूनिवर्सिटी

Abhishek Verma | Publish: May, 18 2019 08:07:01 AM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

23 जून को टेस्ट होने पर 1 जुलाई से नया सत्र होना मुश्किल, शनिवार और सोमवार का भी दिया विकल्प

 

इंदौर.
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के २१ विभाग की ३०८८ सीट पर एडमिशन के लिए सीईटी (कॉमन इंट्रेंस टेस्ट) की घोषणा में हुई देरी अब यूनिवर्सिटी प्रबंधन के लिए मुश्किल बन गई है। एजेंसी ने २३ जून को ऑनलाइन टेस्ट कराने की सहमति दे दी है। लेकिन, १ जुलाई से ही यूटीडी में नया सत्र भी शुरू होना है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन अब इस कोशिश में लगी है कि टेस्ट कम से कम एक सप्ताह पहले करा लिया जाए।

२३ जून को होगी ऑनलाइन सीईटी, सोमवार से कर सकेंगे आवेदन २१ विभाग की ३०८८ सीट पर एडमिशन के लिए २७ शहरों में बनेंगे टेस्ट सेंटर इंदौर.देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के विभागों में सत्र २०१९-२० में एडमिशन ऑनलाइन सीईटी के जरिए ही होंगे। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने २३ जून को टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। इसके आवेदन की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो जाएगी। इस बार सीईटी देरी से होने के कारण कई कोर्स की सीटें खाली रहने के आसार बन गए है। पिछले साल हुई ऑनलाइन सीईटी (कॉमन इंट्रेंस टेस्ट) में टेस्ट से पहले ही गड़बड़ी के आरोप लग गए थे। इस बार किसी तरह के आरोप न लगे इसलिए यूनिवर्सिटी प्रबंधन हर फैसला सोच-समझकर कर रहा है। टेस्ट कराने वाली एजेंसी की तैयारियों से संतुष्ट होने के बाद ही ऑनलाइन सीईटी को सहमति दी गई है। सीईटी के आवेदन २० मई से १० जून तक होंगे। सीईटी के स्कोर कार्ड के जरिए २१ विभाग के ६२ कोर्स की ३०८८ सीट पर एडमिशन दिए जाएंगे। २७ शहरों में टेस्ट सेंटर बनाए जाएंगे। इस बार छिंदवाड़ा, अमृतसर, आगरा, हैदराबाद, उदयपुर और पुणे में भी सेंटर बनेंगे। मालूम हो, इस बार से यूनिवर्सिटी ने सीईटी का प्रारूप पूरी तरह से बदल दिया है। चार ग्रुप (ए, बी, सी और डी) की जगह अब सीईटी ए १, ए २, बी १ और बी २ में होगी। बाकी कोर्स के लिए सी ग्रुप में विभाग स्तर पर होने वाली प्रवेश परीक्षा, डी ग्रुप में एमफिल, ई ग्रुप में पीएचडी, एफ १, एफ २, एफ ३, जी १ और जी २ में एमई, एमटेक, एमफार्मा, एच ग्रुप में सर्टिफिकेट प्रोग्राम, आई ग्रुप में डिप्लोमा प्रोग्राम, जे ग्रुप में पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम, के ग्रुप में यूजी प्रोग्राम, एल ग्रुप में पीजी प्रोग्राम और एम ग्रुप में बाकी अन्य प्रोग्राम शामिल है। सीईटी की घोषणा में देरी से कई विभागों को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। दरअसल, देश के प्रमुख संस्थानों में जून में एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो जाती है। वहां मौका मिलने पर विद्यार्थी सीईटी से दूरी बना लेंगे। ऐसे में वे कोर्स जिनकी डिमांड कम है उनकी सीटें खाली रह सकती है। एडमिशन सेल के चेयरमैन प्रो.विजय बाबू गुप्ता ने बताया, २०१९-२० सत्र के लिए सीईटी ऑनलाइन प्रणाली से होगी। सीईटी में बीएससी सहित कुछ और परंपरागत कोर्स भी शामिल किए गए है।

 

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