DAVV में बवाल: रीडर को चीफ वॉर्डन बनाने पर ईसी सदस्य ने पूछा, विवि में क्या कोई योग्य प्रोफेसर नहीं?

प्रो.बैनर्जी की जगह डॉ.तिवारी को जिम्मा दिया

इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के कुलपति और एक कार्यपरिषद सदस्य के बीच जमकर ठनी हुई है। कुलपति के कई फैसलों को चुनौती देने के बाद कार्यपरिषद सदस्य ने अब चीफ वॉर्डन बदले जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई है।

नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने कुलपति से सवाल किया है कि किस आधार पर उन्होंने अयोग्य व्यक्ति को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी। इधर, कुलपति का कहना है कि होस्टल संभालने के लिए उन्हें ऐसे व्यक्ति को ही चुनना था, जो छात्रों की समस्याएं सुनकर समाधान दे सके।


दरअसल, लंबे अरसे से प्रो. शक्ति बैनर्जी चीफ वॉर्डन का जिम्मा संभाले हुए थे। पिछले सप्ताह ही कुलपति ने उनकी जगह रीडर डॉ.अजय तिवारी को चीफ वॉर्डन बनाने के आदेश जारी करवाए। अचानक हुए इस बदलाव से हर कोई हैरान है। सोमवार को डॉ. तिवारी को वित्तिय अधिकार भी सौंप दिए गए।

कार्यपरिषद सदस्य केके तिवारी ने कुलपति के फैसले को गलत बताते हुए डॉ.तिवारी को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए उनकी जगह सीनियर प्रोफेसर को नियुक्त करने के लिए पत्र लिखा है। तिवारी ने आरोप लगाया, प्रो.बैनर्जी ने होस्टलों के कई बिल अनियमितता के कारण रोके थे। इससे नाराज होकर कुलपति ने उन्हें हटाया और अपने फायदे के लिए डॉ.तिवारी को उपकृत किया।

कार्यपरिषद की बैठक में ये मुद्दा न उठे, इसलिए डॉ.तिवारी को वित्तिय अधिकार नहीं दिए थे। दरअसल, पूरा विवाद चीफ वॉर्डन के लिए निर्धारित योग्यता से उठा है। नियमानुसार प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर को ही चीफ वॉर्डन बनाया जा सकता है, जबकि डॉ.तिवारी अभी रीडर हैं। वर्तमान में यूनिवर्सिटी में 70 से ज्यादा प्रोफेसर और 90 एसोसिएट प्रोफेसर हैं।


2 वॉर्डन कर चुके इंकार
चीफ वॉर्डन पद के लिए जनवरी से ही उम्मीदवार की तलाश शुरू हो चुकी थी, तब डॉ.गोविंद माहेश्वरी के नाम पर सहमति बनी, लेकिन उन्होंने रजिस्ट्रार को लिखित में इंकार कर दिया। फरवरी में डॉ. नम्रता शर्मा भी चीफ वॉर्डन बनने का प्रस्ताव ठुकरा चुकी हैं।


&कुलपति मनमर्जी से यूनिवर्सिटी चला रहे हैं। लगातार नियमों की अवहेलना की जा रही है। चीफ वॉर्डन पद के लिए डॉ.अजय तिवारी के पास निर्धारित योग्यता नहीं है। क्या यूनिवर्सिटी में योग्य प्रोफेसर नहीं बचे। डॉ. तिवारी की आड़ में कुलपति अपने हित साधना चाहते हैं।


केके तिवारी, कार्यपरिषद सदस्य


&डॉ.तिवारी को चीफ वॉर्डन का जिम्मा सोच-समझकर दिया गया है। वे लंबे समय से एक होस्टल के वॉर्डन हैं। छात्रों से सीधा संपर्क होने के कारण वे उनकी समस्याएं अच्छे से समझ सकेंगे।
प्रो.नरेंद्र धाकड़, कुलपति


पीएससी प्रारंभिक परीक्षा की फाइनल आंसरशीट जारी
इंदौर . मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने सोमवार को राज्य सेवा की प्रारंभिक परीक्षा 2018 की फाइनल आंसरशीट जारी की। कुछ दिनों पहले जारी मॉडल आंसरशीट के एक दर्जन जवाबों पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति लेते हुए गलत बताया था।

आपत्तियों का निराकरण विशेषज्ञों की पेनल से कराने के बाद फाइनल आंसरशीट तैयार की है। पहले पेपर में 5 सवालों को हटाया है, जबकि दूसरे पेपर में सिर्फ एक सवाल हटाया। पहले पेपर के लिए 750 और दूसरे पेपर के लिए 99 आपत्ति आई थीं। सूत्रों की मानें तो एक सप्ताह में रिजल्ट जारी हो सकता है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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