21 लाख की कार की चाहत, 9 लाख के लग्जरी वाहन का कर रहे कबाड़ा

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में कॉपियों और दस्तावेजों की रद्दी हर साल बेची जाती है, लेकिन, यहां की गाडिय़ां वर्षों से कबाड़ में पड़ी सड़ रही हैं।

इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में कॉपियों और दस्तावेजों की रद्दी हर साल बेची जाती है, लेकिन, यहां की गाडिय़ां वर्षों से कबाड़ में पड़ी सड़ रही हैं। यूनिवर्सिटी के पास 1970 मॉडल की रिक्शा, वैन, जीप, एम्बेसेडर सहित एक दर्जन से ज्यादा वाहन हैं। कई बार इन्हें बेचने के लिए टेंडर जारी हुए, मगर किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब 2009 में खरीदी लग्जरी होंडा सिविक कार को भी इन्हीं गाडिय़ों की तरह कबाड़ होने के लिए छोड़ दिया है।

कुलपति प्रो. नरेंद्र धाकड़ ने कुर्सी संभालते ही नई कार खरीदने की इच्छा जाहिर की थी। वे करीब 21 लाख रुपए की इनोवा क्रिस्टा की सवारी करना चाहते हैं। एक साल पहले शासन ने नई कार खरीदने का प्रस्ताव नामंजूर कर दिया था। अब प्रमुख सचिव बदलने के बाद फिर से कार खरीदी की मंजूरी के प्रयास शुरू हो गए हैं। कार खरीदी के लिए यूनिवर्सिटी को कारण बताना होगा। ऐसे में इस लग्जरी कार की खराबी को कारण बताया जा सकता है।

90 हजार तक पहुंचा खर्च
कुलपति की वर्तमान लग्जरी कार की सर्विसिंग पर मार्च में करीब 20 हजार रुपए खर्च बताया था, तब सर्विसिंग टाल दी गई। इसके बाद दो से तीन सप्ताह में छोटे-मोटे काम ही कराए जाते। सस्पेंशन में दिक्कत आने पर
सुधार नहीं कराया। अब सस्पेंशन पूरी तरह से खराब हो गए। हाल में सर्विसिंग का एस्टीमेट बनवाया तो कंपनी ने 90 हजार रुपए का खर्च बता दिया।

अब तक कोई दिक्कत नहीं
कुलपति अजीत सिंह सेहरावत के लिए होंडा सिविक कार 2009 में करीब 9 लाख रुपए में खरीदी थी। समय-समय पर सर्विसिंग और मेंटेनेंस कराने से कार अब तक नई जैसी स्थिति में रही, लेकिन, नए कुलपति डॉ. धाकड़ ने अफसरों से साफ कह दिया, वे इस कार में सफर नहीं करेंगे। नई कार खरीदे जाने तक उन्हें ईएमआरसी में यूजीसी की ग्रांट से खरीदी गई इनोवा कार सौंपी गई है।

सिर्फ शहर में चलने लायक
होंडा सिविक कार करीब डेढ़ महीने से यूनिवर्सिटी में ही रखी है। सर्विसिंग में 90 हजार रुपए खर्च बताया है। ये सिर्फ शहर में ही चलने लायक बची है। नई कार किसी कारण नहीं खरीद पाएंगे, तो इसी की सर्विसिंग कराएंगे। पुरानी गाडिय़ों को बेचने की भी प्रक्रिया चल रही है।
- अजय वर्मा, प्रभारी रजिस्ट्रार व वाहन प्रभारी

अर्जुन रिछारिया Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned