1917 में केवल 15 रुपए तोला था सोना, सौ साल में 2 हजार गुना हुई कीमत

100 साल से लगातार बढ़ रही है सोने की चमक

संदीप पारे @इंदौर. पुष्य नक्षत्र में सोने की खरीदी के लिए उमड़ी भीड़ के बाद धन तेरस पर भी शहर का सराफा रेड कार्पेट के साथ ग्राहकों की अगवानी के लिए तैयार है। कुछ विशेष परिस्थियों को छोड़ दें और सोने की कीमत का ग्राफ हमेशा बढ़ते हुए क्रम में ही सामने आता है। आजादी के समय या चीन-पाकिस्तान आक्रमण के समय कीमतों में कमी आई, लेकिन सौ साल के सफर में सोने ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। 1917 में 15 रुपए तोला बिकने वाला सोना आज 30800 रुपए हो गया है, लेकिन इसके प्रति खरीदारों की दीवानगी आज भी बरकरार है।

सराफा में धनतेरस के दिन सोना-चांदी के आभूषण और कलात्मक एेसेसरीज की बिक्री से धन वर्षा होती है। सोने के सौ साल और चांदी के ५० साल के सफर को देखें तो दिलचस्प कहानी सामने आती है। सौ साल में सोने की कीमतों में २ हजार गुना से अधिक का इजाफा हुआ है। सराफा बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी और सचिव अविनाश शास्त्री बताते हैं, बुजुर्गों से सुनते आ रहे हैं, लोगों का मोह सोने-चांदी की खरीदी से कभी दूर नहीं होगा, इसीलिए इसकी कीमतों ने कभी पीछे पलट कर नहीं देखा। दुनिया में एक यही ऐसा सुरक्षित निवेश है, जिसे वर्षों तक फायदे में इजाफा करता रहेगा।

आजादी का असर
सोने की कीमत 1917-18 में 15 रुपए तोला से बढक़र 1925 में 18.75 रुपए हुई। करीब ६ साल स्थिरता के दौर के बाद 1935 में सोना ३१ रुपए रुपए तोला हो गया। 1947 में देश आजाद हुआ, तब सोना 89 रुपए तोला था और इसी साल यह 99 रुपए तोला तक पहुंचा। चीन व पाक आक्रमण के समय सोने की कीमतों में 40 फीसदी की गिरावट आई और 119 के स्तर से ६३ रुपए पर आ गई। इसके बाद सोने की कीमतों ने जो रफ्तार पकड़ी तो फिर पीछे पलट कर नहीं देखा और आज तीस हजारी की श्रेणी में पहुंच गया।

2005 में 10 हजारी
सोने की कीमतों में इजाफे की रफ्तार 2005 तक तो धीमी रही। इस दौरान सोने की कीमत 7500 रुपए तोला थी। 2010 तक यह ढाई गुना हो कर 20 हजार तक पहुंच गई और अब 30800 रुपए है। कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

चांदी में बड़ी गिरावट
चांदी की कहानी सोने से ज्यादा दिलचस्प है। सोने की कीमतों में तो 20 फीसदी तक की गिरावट देखी गई, लेकिन चांदी 2013-14 में 70 हजार रुपए किलो तक पहुंचने के बाद अब करीब आधी हो कर 41 हजार रुपए किलो पर है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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