जन्माष्टमी की धूम, संघ ने बजाई बांसुरी

जन्माष्टमी की धूम, संघ ने बजाई बांसुरी

Mohit Panchal | Publish: Sep, 03 2018 11:16:06 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

गोपाल मंदिर में मनी जन्माष्टमी, बाकी शहर में आज मनेगा महोत्सव

इंदौर। रात बारह बजते ही गोपाल मंदिर में नंद के आनंद भयो...जय कन्हैया लाल की... गूंजने लगा। बड़ी संख्या में मौजूद भक्त अपने आराध्य बाल गोपाल के दर्शन कर झूम उठे। आज सुबह से मंदिरों में कृष्ण दर्शन के लिए कतारें लगी रहीं। इधर, यादव समाज का आज परंपरागत जुलूस निकला।

तिथि के फेर में जन्माष्टमी को लेकर इंदौर में असमंजस की स्थिति रही। हालांकि सरकारी छुट्टी होने के साथ में अधिकांश मंदिरों में आज पर्व मनाया जा रहा है। कल रात को राजबाड़ा स्थित गोपाल मंदिर पर कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शनों को लेकर खड़े थे। रात बारह बजते ही बधाई हो बधाई और नंद के आनंद भयो के नारे गूंजने लगे।

मौजूद भक्त एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थी। यशोदा माता मंदिर, इस्कॉन मंदिर निपानिया, मल्हारगंज के गोवर्धननाथ मंदिर, गोराकुंड के जानकीनाथ मंदिर, खंडवा रोड व बायपास के स्वामी नारायण मंदिर, गीता भवन मंदिर और छावनी के मुरली मनोहर मंदिर सहित शहर के अधिकांश मंदिरों में आज जन्माष्टमी मनाई जा रही है। सभी मंदिरों में सुबह से भक्तों की दर्शन के लिए कतारें लगी हुई हैं। मंदिरों में रात को आरती, छप्पन भोग के प्रसाद का वितरण रखा गया है।

यादव समाज का जुलूस
जन्माष्टमी पर यादव समाज का जुलूस आज बड़ा गणपति से निकला। यहां से यह जिंसंी चौराहा, सुभाष मार्ग, रामबाग, चिकमंगलूर चौराहा होते हुए श्रम शिविर पहुंचेगा। इसमें बैंड बाजे, घोड़े, बग्गी और झाकियां शामिल थीं। सभी श्रद्धालुओं का रास्तेभर समाज जनों ने मंच लगाकर स्वागत किया।

शाम को बंद रहेगा राजबाड़ा मार्ग
गोपाल मंदिर, यशोदा माता मंदिर और बांके बिहारी मंदिर पर लगने वाली भक्तों की भीड़ को देखते हुए शाम ६ बजे से यशवंत रोड चौराहे से राजबाड़ा की ओर जाने वाला मार्ग बंद रहेगा। इसके लिए वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है। वहीं इन मंदिरों पर जाने वाले अन्य छोटे मार्गों को भी प्रतिबंधित किया गया है। सुभाष मार्ग और जवाहर मार्ग
चालू रहेंगे।

आरएसएस ने दी सलामी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आज जन्माष्टमी पर्व पर गोपाल मंदिर पर बंसीवादन किया। इससे पहले स्वयंसेवकों ने राजबाड़ा के चारों ओर घोष के साथ संचलन भी निकाला। स्वयंसेवक भूप, शिवरंजनी जैसी रचनाओं का वादन किया। स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल थे। साथ में आनक झल्लरी, प्रणौ बिगुल का भी प्रदर्शन किया गया।

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