प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में लाइन में नहीं लगेंगे मरीज, हुई डिजीटल व्यवस्था

अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों के लिए टोकन सिस्टम का प्लान बनाया है...

इंदौर . एमवाय अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ और कोई सिस्टम नहीं होने को लेकर जनरल काउंसिल की बैठक में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की आपत्ति के बाद व्यवस्था में सुधार के प्रयास शुरू हो गए हैं। अब अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों के लिए टोकन सिस्टम का प्लान बनाया है, जिससे मरीजों को घंटों लाइन में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पर्ची के साथ दिया टोकन नंबर स्क्रीन पर आने पर मरीज सीधे संबंधित डॉक्टर को दिखा पाएंगे।

अधीक्षक डॉ. वीएस पाल ने बताया, ओपीडी के लिए टोकन नंबर देकर स्क्रीन पर नंबर डिस्प्ले करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे मरीज अपना नंबर आने तक वेटिंग एरिया में आराम से बैठकर इंतजार कर सकता है। इसके लिए सभी विभागों और पर्ची काउंटर को ऑनलाइन जोड़ा जाएगा। अस्पताल में केंद्र सरकार की ई-अस्पताल योजना लागू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत मरीज का सारा डाटा ऑनलाइन एक यूनिक आईडी के माध्यम से अपलोड होगा। उदाहरण के लिए मरीज एम्स में इलाज के लिए जाता है तो उसकी पूरी हिस्ट्री और इलाज की जानकारी ऑनलाइन लॉग इन कर प्राप्त की जा सकेगी। इस योजना में जैसे-जैसे जिला अस्पताल जुड़ेंगें, मरीजों को फॉलोअप के लिए यहां नहीं आना पड़ेगा।

सॉफ्टवेयर के अभाव में अटकी पहली योजना
दो साल पहले भी रिपोर्ट ऑनलाइन करने की योजना बनी थी। अस्पताल प्रबंधन ने प्रयोग के तौर पर चौथी मंजिल के वॉर्ड 21, 22 और 23 के नर्सिंग स्टेशन पर कम्प्यूटर लगाए थे, जिसे ओपीडी, पैथोलॉजी, कैजुअल्टी, रेडियोलॉजी, ब्लड बैंक समेत तमाम विभागों से जोड़ा गया था। बाद में सॉफ्टवेयर तैयार नहीं होने से योजना अटक गई थी। अब केंद्र के सॉफ्टवेयर से यह योजना भी लागू हो पाएगी।

यह है ई-अस्पताल योजना
देशभर के अस्पतालों को ऑनलाइन जोडऩे के लिए केंद्र ने यह योजना बनाई है। रजिस्ट्रेशन के बाद पर्चा बनवाने, विशेषज्ञ चिकित्सक से अपॉइंटमेंट, ब्लड बैंक, ओपीडी से मरीजों की भर्ती आदि काम ऑनलाइन किए जा सकेंगे। इस योजना का लाभ लेने के लिए केंद्रीकृत नेशनल हेल्थ मिशन की वेबसाइट पर लॉग इन कर आधार या मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। योजना में रजिस्ट्रेशन फीस भी ऑनलाइन जमा कर रसीद प्रिंट की जा सकेगी और अस्पताल के काउंटर से भी रसीद निकलवाई जा सकती है। योजना के अंतर्गत होने वाले उपचार की जानकारी व मरीजों के उपचार के लिए सुझाव वेबसाइट से मिलेंगे। योजना में रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद मरीज को रैफर करने पर मेडिकल जांच रिपोर्ट व डॉक्टर का पर्चा साथ ले जाने की जरूरत नहीं होगी।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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