गजब- एक पैर है फिर भी 15000 किमी की साइकिल यात्रा पर निकलेंगे

जिनका एक पैर नहीं है, लेकिन उन्होंने घर बैठकर अपना जीवन बर्बाद नहीं किया। निराश न होने का संदेश देने के लिए पूरे देश की साइकिल यात्रा पर निकल रहा हूं।

भूपेन्द्रसिंह@ इंदौर. जीवन को झकझोर देने वाला वह हादसा...डॉक्टरों ने कहा, जान बचाना है, तो बायां पैर काटना पड़ेगा, सुनकर अश्रुधारा बह निकली, आंखों के सामने अंधेरा छा गया, क्या पूरा जीवन बिस्तर पर ही गुजर जाएगा? मुंबई जाने का सपना, हीरो बनने का अरमान, सब धरे रह जाएंगे? लेकिन कहते हैं कि ना कि ईश्वर एक दरवाजा बंद करता है तो दूसरा खोल देता है। उस ईश्वर ने एक पैर के शरीर को नि:शक्त नहीं बनने दिया, इसलिए अब हौसलों की उड़ान भरकर लोगों को कुछ करके दिखाना चाहता हूं।

 

travel with cycle

यह कहना है, शहर के राम-लक्ष्मण बाजार में रहने वाले थिएटर आर्टिस्ट प्रदीप कुमार मिरदवाल का। प्रदीप बताते हैं, मेरे जैसे कई लोग हैं, जिनका एक पैर नहीं है, लेकिन उन्होंने घर बैठकर अपना जीवन बर्बाद नहीं किया। जब मेरे साथ यह हादसा हुआ था, तो मैं भी बहुत चिंता में था। फिर ऐसे लोगों को देखा तो वे मेरे लिए प्रेरणा बने। अब मै अपने ही जैसे लोगों को जीवन में निराश न होने का संदेश देने के लिए पूरे देश की साइकिल यात्रा पर निकल रहा हूं। ये यात्रा 15 हजार किलोमीटर की होगी और इस दौरान लगभग 25 राज्यों से होकर निकलूंगा।

पहले कर चुके हैं भोपाल तक यात्रा
प्रदीप ने इससे पहले साइकिल से भोपाल तक का सफर किया था। उस यात्रा के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा और अब उन्होंने देश भ्रमण की योजना बनाई है। यात्रा 14 नवंबर को दशहरा मैदान से शुरू होगी। यहां से वे उज्जैन जाएंगे और फिर लक्ष्य की ओर बढ़ेंगे। उज्जैन तक उनके साथ कुछ नि:शक्तजन भी रहेंगे।
१. इंदौर से उज्जैन, फिर देवास, भोपाल। वहां से लौटकर देवास, फिर बड़वाह, ओंकारेश्वर, महेश्वर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर।
२. बुरहानपुर से भुसावल, जलगांव, धुले, मालेगांव, मुंबई, पुणे, रत्नागिरि।
३. रत्नागिरि के बाद उनकी साइकिल यात्रा गोवा में प्रवेश करेगी, गोवा से कर्नाटक, केरल, फिर तमिलनाडु पहुंचेंगे।
4. तमिलनाडु से कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, मणिपुर।
5. उत्तरपूर्व के राज्यों से लौटते हुए बिहार से उत्तरप्रदेश में प्रवेश करेंगे। यहां के कई शहरों से होते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू कश्मीर जाएंगे।
6. जम्मू कश्मीर से पंजाब होते हुए राजस्थान पहुंचेंगे और वहां से गुजरात होते हुए इंदौर आएंगे।

संस्थाएं कर रही हैं मदद
प्रदीप को इतनी बड़ी यात्रा के लिए शहर के कई सामाजिक संगठनों का साथ मिल रहा है। स्वयंसेवी संगठनों ने उनके सफर के लिए कई तरह की व्यवस्थाएं की हैं। महापौर, कलेक्टर भी शुभकामनाएं प्रेषित कर चुके हैं।

वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए दावा
इस यात्रा के बारे में प्रदीप का कहना है कि इतना लंबा सफर साइकिल से किसी नि:शक्त ने किया हो, ऐसा रिकॉर्ड नहीं है, लिहाजा वे गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड के लिए दावा कर रहे हैं। उनकी टीम भी यात्रा के दौरान मौजूद रहेगी।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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