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आजादी के सात दशक बाद भी तेरा श्मशान, मेरा श्मशान!

राजनीतिक रैलियों में भले ही दलित उत्थान की बातों पर जोरशोर से तालियां बजती हों, मंच से सबकुछ ठीक होने की बात की जाती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है...

इंदौर

Updated: October 12, 2021 11:12:55 pm

discrimination against dalits
अगस्त 2020 की महू के बजरंगपुरा की तस्वीर, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। 95 साल के नानूराम का निधन हुआ तो तिरपाल लगाकर शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा था। बलाई समाज के रिसित मालवीय के मुताबिक, यहां प्रशासन ने श्मशान घाट बनाने के लिए 3 लाख रुपए आवंटित किए थे लेकिन व्यवस्था नहीं की गई।

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