आचार्यश्री विद्यासागर जी के जुलूस की अनुमति के लिए रखी CAA वापसी की शर्त, भडक़ा जैन समाज

समाज की नाराजगी के बाद नई अनुमति जारी हुई

By: हुसैन अली

Updated: 06 Jan 2020, 12:49 PM IST

इंदौर. आचार्यश्री विद्यासागर जी की मंगल अगवानी को लेकर बिंजोलिया फार्स से निकले जुलूस को लेकर जो अनुमति प्रशासन ने जारी की, उसे लेकर जैन समाज में आक्रोश है। अनुमति में नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएए) को जनहित में वापस लेने की दुआ करने का बिंदू था। रविवार को जैन समाज की ओर से कांग्रेस से शहर अध्यक्ष विनय वाकलीवाल एवं अन्य के नाम से 4 जनवरी को प्रशासन से अनुमति पत्र जारी किया था। अनुमति में 15वीं शर्त में स्पष्ट उल्लेख था कि यह अनुमति नागरिकता संशोधन विधेयक को जनहित में वापस लेने की दुआ करने के बाद ज्ञापन सौंपने हेतु दी जा रही है। इसके अलावा अन्य प्रायोजन पर प्रतिबंध रहेगा।

कनाडिय़ा एसडीएम द्वारा जारी अनुमति जैसे ही जैन समाज में पहुंची तो बवाल मच गया। जैन समाज भडक़ गया। कांग्रेस सरकार द्वारा भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा पारित नागरिकता बिल के विरोध की शर्त पर लोगों में नाराजगी फैल गई। आयोजकों को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल प्रशासन के आला अधिकारियों से संपर्क किया। प्रशासन ने अपनी गलती मानते हुए ताबड़तोड़ अनुमति पत्र में सुधार कर नई अनुमति जरूर जारी की। नई अनुमति में 17 की जगह सिर्फ 15 शर्ते ही थी लेकिन मंगल अगवानी और जुलूस में अनुमति पत्र भी चर्चा में बना रहा। इस मामले में जब कलेटर, एडीएम बीबीएस तोमर व एसडीएम सोहन कनाश से बात नहीं हो सकी।

उचित नहीं थी शर्तें

प्रशासन ने जो अनुमति जारी की, उसमें जो शर्तें थीं, वह उचित नहीं थी। इसकी जानकारी मिली तो समाज को बताने और शासन-प्रशासन के विरोध स्वरूप हमने सोशल मीडिया पर अनुमति पत्र व वीडियो अपलोड किया था। आचार्यश्री की अगवानी को लेकर हमने शांति बनाए रखी।

- अखिलेश शाह, भाजपा नेता

मानवीय भूल हुई

जैसे ही अनुमति पत्र में गलती की जानकारी मिली तो हमने सुबह नई अनुमति ले ली। मानवीय गलती के कारण भूल हुई थी।
विनय बाकलीवाल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष व जुलूस संयोजक

हुसैन अली
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