इन 85 अवैध दुकानों की जांच करवाएगा जिला प्रशासन

इन 85 अवैध दुकानों की जांच करवाएगा जिला प्रशासन

Reena Sharma | Updated: 14 Jul 2019, 09:15:12 AM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

मंडी प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि कोई लेना-देना नहीं है दुकानों से

इंदौर . चोइथराम सब्जी मंडी के बाहर बनी 85 अवैध दुकानों को लेकर जिला प्रशासन अब जांच करवाने जा रहा है। कार्रवाई से पहले वह पुष्ष्टि करना चाहता है कि आखिर जमीन किसकी है। हालांकि मंडी प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि हमारा दुकानों से कोई लेना-देना नहीं है।

गुरुवार को जिला प्रशासन और मंडी की टीम ने फ्रूट मंडी के अवैध निर्माणों को नेस्तनाबूत कर दिया था। इसको लेकर कुछ व्यापारियों ने कल अपर कलेक्टर व मंडी के भारसाधक अधिकारी कैलाश वानखेड़े से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराई। कहना था कि बदले की भावना से कार्रवाई की गई है। इसके साथ में व्यापारियों ने मंडी में चल रही कई धांधलियों को भी उजागर किया जिस पर वानखेड़े ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। अब वानखेड़े बारीकी से मंडी की व्यवस्था चाक चौबंद और सफाई करने के मूड में आ गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक जिला प्रशासन अब मंडी के सामने बनी 85 अवैध दुकानों को लेकर भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए वह पहले बारीकी से जांच कराई जा रही है। पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किसकी जमीन है जिस पर मार्केट तान दिया गया, क्योंकि मंडी समिति पहले ही बोल चुकी है कि मार्केट से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वहीं यह भी तय है कि नगर निगम ने ऐसा कोई नक्शा पास नहीं किया तो मार्केट बन कैसे गया? अब तहसीलदार के माध्यम से जमीन की जानकारी निकाली जाएगी। जमीन के सरकारी होने की पुष्टि होते ही कार्रवाई की जाएगी।

बनाया जा रहा राजनीतिक दबाव : अवैध मार्केट पर कार्रवाई ना हो, इसको लेकर राजनीतिक दबाव बनाना शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि दुकानों में कांग्रेस के साथ में भाजपा के नेताओं के समर्थकों की भी दुकानें हैं। दबाव प्रभाव में उन्होंने ले ली थी, जो अब किराए से देकर वे हर माह मोटी रकम वसूल कर रहे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि कमाई बंद हो जाएगी। इस डर से वे दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इधर, कांग्रेस से जुड़े नेता अब सरकार के काबिना मंत्रियों के दरबार में जाकर दरकार लगा रहे हैं ताकि मामला रफा दफा हो जाए।

जांच के लिए कहा

मैंने एसडीएम को जांच करने के लिए कहा है। वे आज मुझे रिपोर्ट देंगे कि जमीन किसकी है। उसके बाद आगे की योजना बनाई जाएगी।

कैलाश वानखेड़े, अपर कलेक्टर व भारसाधक अधिकारी मंडी

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