हर दवाई करती है नुकसान, जरूरत हो तो ही लें

हर दवाई करती है नुकसान, जरूरत हो तो ही लें

Lakhan Sharma | Publish: Sep, 03 2018 10:45:40 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

- इंडियन सोसायटी ऑफ गैस्ट्रोइंटेरोलॉजिस्ट की कार्यशाला में बोले विशेषज्ञ

इंदौर।
छोटी छोटी परेशानी में लोग डॉक्टर के पास जाते हैं, यह अच्छी बात है जिससे आप बढ़ी बीमारी को होने से पहले ही रोक सकते हैं। लेकिन कई बार मरीज डॉक्टर पर अधिक दवाई देने या हेवी एंटीबायोटिक दवाई देने के लिए दबाव बनाता है। जबकि एसा नहीं करना चाहिए, हर दवाई शरीर को नुकसान पहुंचाती है। इसलिए इनकी आदत कभी न डालें, जब जरूरत हो डॉक्टर की सलाह के बाद ही इन्हें ले। मेडिकलों से सीधे दवाई खरीदकर लेना भी काफी खतरनाक हो सकता है। यह कहना है मुम्बई से आए एक्सपर्ट डॉ. विनय धीर का। वे शहर में चल रही इंडियन सोसायटी ऑफ गैस्ट्रोइंटेरोलॉजिस्ट की कार्यशाला में शामिल होने आए थे।
उन्होंने बताया कि पिछले 30 सालों से एंडोस्कोपी के क्षेत्र में अद्भुत और सफल प्रयोग हुए हैं और यह तकनीक बहुत बेहतर हो गई है। अब हमारे पास पहले से पतले स्कोप हैं जिनका प्रयोग कर हम सटीक जांचें और इलाज कर सकते हैं। पेट की गठान के मामले में भी एंडोस्कोपी बहुत फायदेमंद सिद्ध हुई है। इससे बायोप्सी भी आसान हुई है। हम भरतीयों की समस्या भोजन से कहीं अधिक लाइफस्टाइल से सम्बंधित है, जिसे सुधारना जरूरी है। सामान्य और पौष्टिक खाना, नियमित एक्सरसाइज और मेडिटेशन जैसी चीजें अपनाएं इससे पेट भी खुश रहेगा और आप भी। काफ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. सुनील जैन के अनुसार, एंडोस्कोपी के क्षेत्र में आई क्रंाति ने आज न केवल डॉक्टरों के लिए बल्कि मरीजों के लिए भी इलाज को सरल और सस्ता बनाया है। अब पेट के रोगों का इलाज पहले से कहीं ज्यादा सुलभ है। इस कॉन्फ्रेंस के जरिये हमने एंडोस्कोपी और अन्य तकनीकों के बारे में विशेषतौर पर चर्चा की जिसका फायदा युवा डॉक्टर्स को मिलेगा और वे अपने मरीजों को और बेहतर सुविधाएं तथा इलाज दे पाएंगे। डॉ. हरिप्रसाद यादव, ऑर्गेनाइज़िंग सेक्रेटरी, आईएसजी, एमपीसीजी चैप्टर, ने जानकारी दी कि आयोजन के अंतर्गत देश के 250 से अधिक विशेषज्ञों ने उपस्थिति दर्शाई। इस अवसर पर युवा डॉक्टरों ने अपने प्रेजेंटेशन और पोस्टर्स के जरिये विभिन्न विषयों से जुड़ी जानकारी भी प्रदर्शित की।

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