शहर के हाल बिगाड़ रहा है बंगाल का डबल या ट्रिपल म्यूटेंट, डॉक्टरों को आ रही मुश्किल

27 से ज्यादा में बंगाल वैरिएंट दिखा, इनमें बच्चे भी शामिल...

By: Ashtha Awasthi

Published: 19 May 2021, 01:06 PM IST

इंदौर। शहर में कोरोना संक्रमण (coronavirus) के तेजी से बढ़ने का एक कारण यहां मौजूद कोरोना का खतरनाक ट्रिपल म्यूटेंट वायरस भी है। इस वैरिएंट में वायरस अधिक हमलावर हो जाता है। यह रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता को छका कर शरीर के अंदर पहुंच जाता है और तेजी से उसे कमजोर कर देता है। इस तरह का म्यूटेशन पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ सैंपल में भी मिला था।

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मुश्किल से हो पाई सैंपलिंग

फरवरी-मार्च और अप्रैल के पहले सप्ताह में संक्रमित हुए 608 लोगों के सैंपल भेजे गए थे। इनमें से 288 से ज्यादा मरीजों में डबल या ट्रिपल म्यूटेंट के लक्षण मिले हैं। 27 से ज्यादा लोगों में तो ट्रिपल म्यूटेंट देखा गया है। इनमें दो तो 10 वर्ष से कम उम्र के हैं। सवा महीने बाद मिली रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन एक्टिव हुआ और संबंधितों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की गई। अब इन्हें जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए पुणे और दिल्ली लैब भेजा जाएगा। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग प्रभारी अनिल डोंगरे के अनुसार बड़ी मुश्किल से सैंपलिंग संभव हो पाई।

संक्रमण दूर करने में आ रही दिक्कत

जिस तरह से मामले सामने आ रहे हैं, उनसे आशंका है कि उनमें भी यह वेरिएंट मौजूद है। कई डॉक्टरों को मुश्किल आ रही है। शहर में 6 से ज्यादा वैरिएंट के हमले की पुष्टि हो चुकी है। इसमें एल452आर, ई488क्यू अन्य है। जबकि बी1.1.7 के भी अलग-अलग म्यूटेंशन मिले हैं।

यूके, नाइजीरियन और अब बंगाल !

विशेषज्ञों के अनुसार पहले यूके वेरिएंट आया. फिर डबल ने हाहाकार मचाया। इसके बाद नाइजीरियन म्यूटेशन के मरीज मिले। अब बंगाल से आए लोगों से शहर में ट्रिपल म्यूटेशन ने भी दस्तख दे दी।

Ashtha Awasthi
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