डीपीएस स्कूल की मनमानी... डीपीएस के खिलाफ आवाज उठाई तो प्रबंधन ने बच्चों को कर दिया फेल

डीपीएस स्कूल की मनमानी... डीपीएस के खिलाफ आवाज उठाई तो प्रबंधन ने बच्चों को कर दिया फेल

Arjun Richhariya | Publish: Mar, 14 2018 08:35:22 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

सोशल मीडिया पर पालकों ने लगाया आरोप, प्रभारी प्राचार्य ने कहा- शिक्षा की गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं

इंदौर. गत पांच जनवरी को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) की बस बायपास पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें चार बच्चों सहित पांच की जान गई थी। इसके बाद मृतक बच्चों के परिजन समेत अन्य ने प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाई थी। अब इस मामले में स्कूल प्रबंधन पर पालकों के बच्चों को निशाना बनाने का आरोप लगा है।


पालकों का आरोप है, हादसे के बाद विरोध करने वालों के बच्चों को जान-बूझकर परीक्षा में फेल किया गया है। आरोप है कि खराब रिजल्ट आने के बाद जब कुछ पालक स्कूल गए तो उनके साथ प्रबंधन ने अपमानजनक व्यवहार किया। हालांकि, परीक्षा परिणामों को लेकर स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं, उनकी फिर से परीक्षा ली जाएगी। पिछले सप्ताह डीपीएस ने स्थानीय परीक्षा के नतीजे जारी किए। इसमें बड़ी संख्या में छात्रों को एक या दो विषय में पूरक दी गई है।

पालकों का आरोप है, ज्यादातर उन बच्चों को निशाना बनाया गया है, जिन्होंने बस हादसे के बाद कभी पुलिस तो कभी प्रशासन के सामने स्कूल के खिलाफ आवाज उठाई। पालकों ने यह आरोप सोशल मीडिया के जरिए लगाए हैं। पालकों की मानें तो कई ऐसे बच्चों को कम नंबर दिए गए हैं, जो पिछली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करते आए हैं।


कोर्स को-ऑर्डिनेटर ने नहीं दिखाई कॉपी
नाम नहीं प्रकाशित करने के आग्रह पर एक पालक ने बताया, बेटी पढ़ाई में कमजोर नहीं है। बावजूद उसे एक विषय में फेल किया गया। स्कूल में जब कॉपी दिखाने की मांग की गई तो कोर्स को-ऑर्डिनेटर ने मना कर दिया। पालक ने बताया, वे दो हफ्ते पहले मामले की जांच कर रहे सीएसपी से मिलने पहुंचे थे। पुलिस ने बच्चों के नाम-कक्षा पूछा था। इसके बाद से ही प्रताडि़त किया जा रहा है।


एक महीना ठप रही पढ़ाई...
बच्चों के कमजोर रिजल्ट से नाराज पालक हादसे के बाद लंबे समय तक पढ़ाई ठप रहने को भी वजह बता रहे हैं। पालकों का कहना है, हादसे के 8 दिन बाद तक तो स्कूल लगा ही नहीं। करीब एक महीने तक पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाई। इस नुकसान को ध्यान में रखते हुए भी बच्चों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए था। पालक संघ के विनोद दुबे का कहना है, स्कूल प्रबंधन लगातार मनमानी करता आ रहा है।


&शिक्षा की गुणवत्ता के साथ डीपीएस कोई समझौता नहीं कर सकता। होशियार बच्चों में से कोई भी फेल नहीं हुआ। कई बच्चे तो तीन विषय में फेल हो रहे थे। हमने उन्हें ग्रेस देकर पूरक दिलाई। वे इसी सप्ताह दोबारा परीक्षा देकर पास हो सकते हैं।
- आशा नायर, प्रभारी प्राचार्य, डीपीएस


दौड़ रही थी 28 साल पुरानी बस...
डीपीएस हादसे के बाद स्कूली बसों पर हुई सख्ती का असर नहीं दिख रहा है। मंगलवार सुबह परिवहन विभाग ने सिमरोल-महू रोड पर 2 8 साल पुरानी स्कूल बस जब्त की, जो डायरेक्टर एसजीएसआइटीएस के नाम रजिस्टर्ड है। परिवहन निरीक्षक किशोरसिंह बघेल ने बताया, बस (एमपी09 -डी-6974) पर 6 लाख रुपए से अधिक टैक्स भी बकाया है।

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