ड्रग सप्लायर्स ने कहा: 'एमवाय में टेबल-टेबल घुमाते हैं बाबू'

ड्रग सप्लायर्स ने कहा: 'एमवाय में टेबल-टेबल घुमाते हैं बाबू'
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Narendra Hazare | Publish: Oct, 18 2016 12:13:00 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

बैठक में उन सभी ठेकेदारों को बुलवाया गया जो एमवायएच में अलग-अलग प्रकार की दवाएं, उपकरण और सर्जिकल आइटम सप्लाई करते थे।


इंदौर। एमवायएच में सोमवार को पहली बार ड्रग सप्लायर्स की बैठक बुलाई गई। इसमें उन सभी ठेकेदारों को बुलवाया गया जो एमवायएच में अलग-अलग प्रकार की दवाएं, उपकरण और सर्जिकल आइटम सप्लाई करते थे। लंबे समय से ठेकेदारों द्वारा बिल अटकाए जाने और स्टोर सहित अकाउंट सेक्शन के बाबुओं द्वारा बेवजह परेशान करने की शिकायत की जा रही थी। इस पर अधीक्षक डॉ. वीएस पाल ने सभी सप्लायर्स को बुलाकर उनकी परेशानियां सुनी। इस पर सप्लायर्स ने अस्पताल में बिल पास किए जाने को लेकर आ रही दिक्कतें रखीं। कुछ सप्लायर्स की शिकायत थी कि उनके बिल वर्ष 2014 से पेमेंट के लिए अटका रखे हैं तो कुछ का भुगतान 7 दिन के भीतर किया जा रहा है। 


अधीक्षक डॉ. पाल  ने आश्वासन दिया कि सभी सेक्शन का काम बांटा जाएगा। किसी एक के पास सभी जिम्मेदारियां नहीं रहेंगी। सप्लाई के बाद एक सप्ताह में वैरिफिकेशन कर बजट से भुगतान किया जाएगा। यदि बजट उपलब्ध न हो तो व्यवस्था होने के बाद 20 दिन में भुगतान किया जाए। इसमें ड्रग स्टोर इंचार्ज डॉ. संजय उपाध्याय की भी शिकायतें आईं। सप्लायर्स का कहना था कि उपाध्याय उनके बिल भुगतान 

जानबूझकर लेट करवाते हैं। वे अकेले ही लंबे समय से यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जिसके कारण कोई उन्हें कुछ बोल भी नहीं पाता। जब बिल वेरिफिकेशन के लिए उनके पास पहुंचते हैं तो वे कोई न कोई आपत्ति लगाकर बिल अटका देते हैं। 


यह है प्रक्रिया 

फिलहाल एमवायएच में किसी भी बिल की पहले एंट्री की जाती है। फिर संबंधित शाखा प्रभारी द्वारा उसे जांच में लिया जाता है। जांच में बिल की राशि और सामग्री की उपलब्धता सप्लाई के बराबर होने पर उसे भुगतान के लिए अकाउंट सेक्शन में भेजा जाता है। यहां पर राशि को देखते हुए उपलब्ध बजट के अनुसार भुगतान कर दिया जाता है। 

ड्रग सप्लायर्स को उनकी परेशानियां जानने बुलाया था। उनमें से कुछ दिक्कतें ड्रग स्टोर प्रभारी से जुड़ी हुई थीं। इसके चलते कार्यविभाजन के तहत अब अलग-अलग जिम्मेदारियां बांटी जा रही हैं। 
-डॉ. वीएस पाल, अधीक्षक, एमवायएच

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