प्रदेश में 12 वस्तुओं पर इ-वे बिल अनिवार्य

प्रदेश में १२ वस्तुओं पर इ-वे बिल अनिवार्य

इंदौर. राज्य सरकार ने जीएसटी काउंसिल के निर्णयानुसार २५ अप्रैल से राज्य में दो जिलों के बीच वस्तुओं के परिवहन पर इ-वे बिल अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए एचएसएन कोड के आधार पर १२ वस्तुएं के समूह तय किए गए हैं। जिले या शहर में परिवहन पर इ-वे बिल जरूरी नहीं होगा। विभाग ने सुझाव दिया है, वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने के लिए बिल-बिल्टी जरूर साथ रखें।
जीएसटी के साथ ही माल परिवहन के लिए इ-वे बिल भी लागू होना था। विरोध को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया था। हाल ही में सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू करने का निर्णय लेकर पहले दो राज्यों के बीच और अब राज्य में दो जिलों के बीच अनिवार्य किया है। राज्य कर आयुक्त राघवेंद्रकुमार सिंह के अनुसार, नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके लिए १२ वस्तुएं चिह्नित की गई हैं।

बिल अनिवार्य रखें
12 वस्तुओं के अलावा अन्य वस्तुएं जिन पर एक जिले से दूसरे जिले में भेजे जाने पर इ-वे बिल लागू नहीं है। अन्य कर योग्य वस्तुएं, जिन पर अंतरराज्यीय परिवहन पर इ-वे बिल लागू है, उनके मप्र में परिवहन की स्थिति में वस्तु का टैक्स इनवॉइस या बिल अनिवार्य रूप से लेकर चलना होगा। माल परिवहन के समय बिल-बिल्टी साथ लेकर चलें।

इन वस्तुओं पर लगेगा
पान मसाला, कन्फेक्शनरी आइटम्स, प्लाइवुड लेमिनेट सीट, सभी प्रकार के आयरन एंड स्टील, खाद्य तेल, ऑटो पाट्र्स सिगरेट व तंबाकू उत्पाद, इलेक्ट्रिकल गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स, फर्नीचर, लुब्रिकेंट्स, टाइल्स सिरामिक गुड्स, सिरामिक ब्लॉक्स, सिरामिक पाइप्स आदि।

कम्प्यूटर पर बना बिल होता है

ई-वे बिल, दरअसल एक प्रकार का Electronic Bill यानी कम्प्यूटर पर बना बिल होता है। GST System में, किसी माल को एक जगह से दूसरी जगह भेजने पर, उसके लिए Online Bill भी तैयार करना होगा। ये बिली जीएसटी पोर्टल पर भी दर्ज हो जाएगा।इसी Online Bill को E-Way Bill कहते हैं।

दरअसल, GST सिस्टम लागू होने के पहले Sales Tax या राज्यों के VAT सिस्टम में भी इस तरह की व्यवस्था लागू रही है। पुरानी टैक्स व्यवस्थाओं में भी माल परिवहन के लिए कागज पर Bill बनता रहा है। पहले जो Bill कागज पर बनता था, अब वह कम्प्यूटर पर यानी Electronically बनेगा। उसके बाद इसे GST के नेटवर्क पर Upload कर दिया जाएगा।

पुरानी व्यवस्था में जो कागज पर बिल बनाया जाता रहा है, उसे हम Road Permit के नाम से जानते रहे हैं। अब GST लागू होने के बाद यही पुराना रोड परमिट E-Way Bill के रूप में लागू हो जाएगा।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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