Election 2019 : 30 साल से लगातार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे ये दो उम्मीदवार

Election 2019 : 30 साल से लगातार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे ये दो उम्मीदवार

Hussain Ali | Publish: Apr, 23 2019 11:58:26 AM (IST) | Updated: Apr, 23 2019 11:58:27 AM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

30 साल से लगातार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे ये दो उम्मीदवार

संदीप पारे @ इंदौर. इंदौर में निर्दलीय उम्मीदवारों में चुनाव लडऩे के क्रेज में कमी नजर आ रही है। १९९६ में ५९ तक पहुंचा आंकड़ा अब 8-10 पर ही अटक कर रह गया है। कुछ निर्दलीय ‘धरतीपकड़’ तो 30-30 वर्षों से बिना नागा किए फॉर्म भर रहे हैं। हर चुनाव में तीन से पांच प्रतिशत मतदाता इन पर भरोसा भी जताते हैं। सोमवार को इंदौर लोकसभा के लिए शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया का श्रीगणेश भी निर्दलीय उम्मीदवारों ने ही किया। निर्दलीय उम्मीदवारों में परमानंद तोलानी 1989 से चुनाव लड़ रहे हैं। इस साल भी पहले दिन पर्चा दाखिल करने पहुंचे। ताई संसदीय सीट छोड़ चुकी हैं, लेकिन तोलानी मैदान में बने हुए हैं। यही हाल अजीत कुमार जैन पटवा का है। वे भी 30 वर्ष से चुनाव लड़ रहे हैं।

निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या पर नियंत्रण के लिए चुनाव आयोग ने जमानत राशि में बढ़ोतरी की, लेकिन खास असर देखने को नहीं मिला। इंदौर लोकसभा क्षेत्र में हर बार 15 से 20 उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं। ईवीएम से चुनाव होने से पूर्व उम्मीदवारों की संख्या को लेकर प्रशासन को चिंता नहीं होती थी, क्योंकि बैलेट पेपर का आकार बड़ा हो जाता था, लेकिन ईवीएम के बाद १६ उम्मीदवार से अधिक होने पर दूसरी ईवीएम उपयोग करना होता है। आयोग कई शर्तें लागू कर उम्मीदवारों की संख्या पर नियंत्रण की कोशिश कर रहा है।

क्षेत्रीय दलों की संख्या बढ़ी

पहले दो राष्ट्रीय और एक-दो मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल होते थे। १५ वर्ष में क्षेत्रीय दलों की संख्या बढ़ी है। इसी वर्ष देखें तो भाजपा, कांग्रेस के अलावा शिवसेना, सपा, आप, बसपा, सपाक्स, समता पार्टी, हिंदू महासभा जैसे दल मैदान में हैं। ८-१० उम्मीदवार निर्दलीय होते हैं।
एक ही बार दिखी निर्दलीय की ताकत
निर्दलीय उम्मीदवारों में एक-दो को ही 2 हजार या इससे ज्यादा मत मिल पाते हैं। शेष तो एक हजार से भी कम पर सिमट जाते हैं। निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रभाव 2 से 4 फीसदी मतदाताओं पर होता हैं। टिकट नहीं मिलने पर पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं को ही कुछ वोट मिलते हैं, अधिकांश अपनी जमानत नहीं बचा पाते हैं। 1989 में निर्दलीय उम्मीदवार बाला बेग ने 88 हजार वोट प्राप्त किए थे।

निर्दलीय उम्मीदवार व उनके वोट

चुनाव ----- उम्मीदवार ----- निर्दलीय ----- पार्टी प्रत्याशी ----- प्राप्त मत
1980 ----- 16 ----- 13----- 3 ----- 23400
1984 ----- 24 ----- 22 ----- 3 ----- 21200
1989 ----- 32----- 28----- 4----- 108753
1991 ----- 38----- 32----- 6----- 20000
1996 ----- 62----- 59----- 3----- 37600
1998 ----- 16----- 8----- 8----- 4500
1999----- 13----- 8----- 5----- 4200
2004 ----- 10----- 6----- 4----- 18200
2009----- 18----- 9----- 9----- 15800
2014----- 22----- 13----- 9----- 20200

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