बिजली कंपनी ने निगम को थमाया १५ करोड़ का बिल

Arjun Richhariya

Publish: Mar, 14 2018 01:43:09 PM (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
बिजली कंपनी ने निगम को थमाया १५ करोड़ का बिल

आर्थिक स्थिति ठीक नहीं और राशि जुटाने में लगे अफसर

इंदौर. नगर निगम मुख्यालय में कल यानी मंगलवार को उस समय हलचल मच गई, जब पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी ने १५ करोड़ रुपए का बिजली बिल थमा दिया। यह बिल बिजली कंपनी के मंडलेश्वर में आने वाले छोटी खरगोन का है, जहां शहर को पानी देने के लिए नर्मदा का पंपिंग स्टेशन बना हुआ है। बिजली बिल मिलने की पुष्टि निगम अफसरों ने भी की है। इसे भरने को लेकर अफसरों के माथे पर चिंता की लकीर खींच गई है, क्योंकि निगम की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।

मालूम हो कि पिछले साल मार्च महीने में भी बिजली कंपनी ने निगम को नर्मदा का पानी सप्लाय करने के लिए तगड़ा बिल दिया था। यह बिल जमा नहीं होने पर वित्तीय साल के आखिरी दिन ३१ मार्च को निगम मुख्यालय की बिजली काट दी गई थी। इस कारण निगम में टैक्स जमा होने के साथ अन्य काम प्रभावित हो गए थे। जैसे-तैसे निगम अफसरों ने कनेक्शन जुड़वाया। साथ ही कनेक्शन कटने से नाराज निगम अफसरों ने बिजली कंपनी के गेट पर कचरा अलग पटक दिया था।

इसके बाद दोनों विभाग के अफसरों में विवाद हो गया था। वर्तमान महापौर मालिनी गौड़ के कार्यकाल से पहले पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे के कार्यकाल में भी निगम के कनेक्शन काटने की कार्रवाई हो चुकी है। इसलिए निगम अफसर जैसे-तैसे पैसा जमा करने में जुट गए हैं, ताकि कनेक्शन नहीं कटे।

दिग्गी के कार्यकाल के भी बाकी हैं २०० करोड़ रुपए
निगम अफसरों का कहना है कि छोटी खरगोन से नर्मदा का हर महीने १५ से १६ करोड़ रुपए बिल आता है, जिसे जमा कर दिया जाता है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में नर्मदा का पानी इंदौर लाने के लिए लगी बिजली का बिल निगम पर करीब २०० करोड़ रुपए बकाया है। इसका हिसाब-किताब अभी तक नहीं हुआ और राज्य शासन स्तर पर मामले में कार्रवाई चल रही है। इस २०० करोड़ रुपए की राशि जमा करने में निगम को पसीने छूट रहे हैं।

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